अभिव्यक्ति की आजादी को राहत, कर्नाटक में सोशल मीडिया पोस्ट पर अब तुरंत FIR नहीं, पुलिस के लिए नई गाइडलाइंस

Karnataka Social Media Post: कर्नाटक सरकार के सर्कुलर में कहा गया है कि कठोर, आपत्तिजनक या आलोचनात्मक राजनीतिक भाषण को लेकर पुलिस को यांत्रिक रूप से मामले दर्ज नहीं करने चाहिए. केवल तभी आपराधिक कानून लागू किया जा सकता है, जब ऐसी अभिव्यक्ति हिंसा के लिए उकसावे या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए तात्कालिक खतरा पैदा करती हो. संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) के तहत मुक्त राजनीतिक आलोचना की सुरक्षा का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए.

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