अमित शाह आज राज्यसभा में पेश करेंगे CAPF बिल 2026, भर्ती-सेवा नियमों में होगा बदलाव

अमित शाह आज राज्यसभा में पेश करेंगे CAPF बिल 2026, भर्ती-सेवा नियमों में होगा बदलाव

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को राज्यसभा में ‘केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) बिल, 2026’ पेश करेंगे. यह बिल सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ आईटीबीपी और एसएसबी जैसे अर्धसैनिक बलों के लिए एकीकृत नियम का रास्ता साफ करेगा. इस बिल के कानून बनने के बाद शीर्ष पदों पर आईपीएस अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को वैधानिक मान्यता मिलेगी और कैडर अधिकारियों के लिए भी पदोन्नति के नए रास्ते खुलेंगे.

यह विधेयक 10 लाख से अधिक जवानों वाले बलों के लिए नेतृत्व संरचना में स्थायित्व लाने का प्रयास करता है. इस बिल को लाने के प्रति केंद्र सरकार का मकसद ये है कि CAPF के एडमिनिस्ट्रेशन प्रणाली को सुव्यवस्थित किया जा सके, अर्धसैनिक बलों में भर्ती प्रक्रिया को मानकीकृत किया जा सके साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता जा सके.

बिल को संसदीय समिति को भेजने की मांग

ये बिल सुप्रीम कोर्ट के मई 2025 के उस फैसले के बाद लाया जा रहा है, जिसमें भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति को धीरे-धीरे कम करने को कहा गया था. नए नियमों के अनुसार, IG के 50% और ADG के 67% पद IPS के लिए आरक्षित रहेंगे. हाल में अर्द्धसैनिक बलों के रिटायर्ड अधिकारियों के संगठन ने इस बिल को संसदीय समिति को भेजने की मांग की है.

सेवानिवृत्त अफसरों ने किया है सुप्रीम कोर्ट का रुख

सेवानिवृत्त सीएपीएफ अधिकारियों के एक समूह ने हाल ही में गृह सचिव गोविंद मोहन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका भी दायर की है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया गया. सरकार का कहना है कि सीएपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमा सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं और आईपीएस अधिकारियों की तैनाती से केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित होता है.

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

RSS
Follow by Email
Pinterest
LinkedIn
Share
Telegram
WhatsApp
Reddit