अमेरिका के लिए ईरान से भी बड़ा खतरा है पाकिस्तान, तुलसी गबार्ड ने दी चेतावनी

अमेरिका के लिए ईरान से भी बड़ा खतरा है पाकिस्तान, तुलसी गबार्ड ने दी चेतावनी

अमेरिकी की नेशनल इंटेलिजेंस डायरेक्टर तुलसी गबार्ड ने बुधवार को पाकिस्तान को अमेरिका के सामने मौजूद सबसे बड़े परमाणु खतरों में से एक बताया और उसे रूस और चीन जैसी बड़ी ताकतों के साथ रखा. गबार्ड ने ईरान समेत कई देशों ओर से विकसित की जा रही मिसाइल क्षमताओं को लेकर बढ़ती चिंताओं की ओर भी इशारा किया.

गबार्ड ने कहा, “खुफिया समुदाय का आकलन है कि रूस, चीन, उत्तर कोरिया, ईरान और पाकिस्तान कई तरह के नए, उन्नत या पारंपरिक मिसाइल डिलीवरी सिस्टम पर रिसर्च और उन्हें विकसित कर रहे हैं. इनमें परमाणु और पारंपरिक पेलोड शामिल हैं, जो हमारे देश को अपनी जद में ले सकते हैं.”

गबार्ड ने सांसदों को बताया कि अमेरिका खुफिया एजेंसियों को उम्मीद है कि अमेरिका तक पहुंचने में सक्षम मिसाइलों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी होगी. अनुमान है कि 2035 तक इनकी संख्या 16 हजार से ज़्यादा हो जाएगी, जो आज लगभग 3 हजार है.

पाकिस्तान के उत्तर कोरिया, रूस और चीन से बढ़ रहे रिश्ते

ब्रीफिंग के दौरान गबार्ड ने उत्तर कोरिया के रूस और चीन दोनों के साथ मजबूत होते संबंधों पर भी रोशनी डाली. यह इस बात का संकेत है कि जिन देशों को वॉशिंगटन अपना विरोधी मानता है, उनके बीच रणनीतिक तालमेल और गहरा हो रहा है.

ईरान पर क्या बोली गबार्ड?

ईरान के मामले में गबार्ड ने US के उस रुख को दोहराया कि उसकी परमाणु क्षमताओं को काफी हद तक कम कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि पिछले साल जून में अमेरिका ने ईरान के परमाणु संवर्धन कार्यक्रम को पूरी तरह से खत्म कर दिया था. उन्होंने यह भी कहा कि उसके बाद से उन क्षमताओं को फिर से बनाने के किसी भी प्रयास का कोई सबूत नहीं मिला है.

पिछले साल नवंबर में ट्रंप ने कहा था कि पाकिस्तान उन देशों में से एक है जो सक्रिय रूप से परमाणु हथियारों का परीक्षण कर रहे हैं. उन्होंने इसी संदर्भ में रूस, चीन और उत्तर कोरिया का भी नाम लिया था.

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