उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच कर रही पुलिस ने पाया कि कथित तौर पर चुराए गये रुपयों का एक हिस्सा शेयर बाजार में निवेश किया गया था और ब्याज पर उधार दिया गया था. पुलिस की तरफ से गुरुवार को इसकी जानकारी दी. पुलिस के अनुसार, कई लेनदेन रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों के बैंक खातों के जरिए किए गए थे. सूत्रों ने बताया कि जांच के तहत पुलिस आरोपी अनुकल्प मिश्रा को उसके घर पर ले गई और करीब 20 मिनट तक तलाशी ली. इस दौरान उसके परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई. इससे पहले बुधवार को पुलिस इसी तरह सह-आरोपियों लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडे को उनके घरों पर ले गई थी, जहां तलाशी ली गई थी.
पुलिस ने तीनों आरोपियों करुणेश पांडे, अनुकल्प मिश्रा और लवकुश मिश्रा के रिश्तेदारों के 30 बैंक खातों में लेन-देन पर रोक लगा दी है. सूत्रों ने बताया कि शुरुआत जांच में इन खातों में खाताधारकों की ज्ञात आय के स्रोतों से ज्यादा लेनदेन दर्ज पाए गए हैं. तीनों आरोपियों के घरों पर की गई तलाशी में नकदी के बंडल, झुमके और लॉकेट सहित सोने के आभूषण तथा एक कार बरामद की गई.
कितनी नकदी है, इसका खुलासा नहीं
पुलिस ने हालांकि, बरामद नकदी की मात्रा का खुलासा नहीं किया और न ही यह बताया कि जब्त की गई वस्तुएं किस आरोपी के आवास से मिलीं. सूत्रों ने बताया कि पूछताछ के दौरान अनुकल्प मिश्रा और सह-आरोपी अविनाश ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि चोरी किए गए रुपयों को शेयर बाजार में लगाया गया और ब्याज पर उधार भी दिया गया.
सूत्रों के मुताबिक, पुलिस को यह भी पता चला कि धनराशि करीबी सहयोगियों और रिश्तेदारों के बीच बांटी गई तथा बाद में लेनदेन छिपाने के लिए रकम अपने बैंक खातों में वापस अंतरित कर दी गई. अनुकल्प मिश्रा से पूछताछ के बाद पुलिस ने अयोध्या स्थित उसके घर पर छापा मारा, जहां उसके नाम पर एक एकड़ जमीन की खरीद से जुड़े डॉक्यूमेंट बरामद किए गए.
एक एकड़ की कीमत कितनी?
डॉक्यूमेंट्स के अनुसार, ये जमीन करीब 6.7 लाख रुपये में खरीदी गई थी. हालांकि, इसकी मौजूदा बाजार कीमत कई गुना ज्यादा होने का अनुमान है. जून के पहले सप्ताह में अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे की राशि की गिनती में कथित अनियमितताएं सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया था.
ट्रस्ट की सिफारिश के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. एसआईटी को प्रथम दृष्टया गबन के साक्ष्य मिले, जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई और मंदिर के दान की गणना से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है.
