फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हरा दिया. स्पेन ने दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप जीता और उसने अर्जेंटीना को ऐसी हार दी जो इस टीम के इतिहास में पहली बार देखने को मिली है. स्पेन ने हर मोर्चे पर अर्जेंटीना को पछाड़ा, पोसेशन, पास, शॉट्स हर मामले में स्पेनिश टीम आगे रही. यही नहीं इस टीम पर जीत के बाद पैसा ही पैसा बरसा. आइए आपको बताते हैं इस मुकाबले की पांच बड़ी बातें. (फोटो-पीटीआई)
स्पेन के खिलाफ अर्जेंटीना ने एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड अपने नाम किया. फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में अर्जेंटीना की टीम एक भी शॉट टार्गेट पर नहीं मार सकी. जबकि स्पेन ने 11 शॉट टार्गेट पर लगाए. यही नहीं स्पेन का पोजेशन 68 फीसदी रहा, जबकि अर्जेंटीना के पास गेंद सिर्फ 32 फीसदी ही रही. स्पेन की पास एक्यूरेसी 90 फीसदी थी और अर्जेंटीना का ये आंकड़ा महज 78 फीसदी था. स्पेन के खिलाड़ियों को एक भी येलो कार्ड नहीं मिला और अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को 5 येलो और एक रेड कार्ड मिला. (फोटो-पीटीआई)
स्पेन की टीम ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया. ये टीम लगातार 38 मैचों से एक भी मुकाबला नहीं हारी है. पिछले सात मैचों में तो उसे जीत मिली है, जिसमें फीफा वर्ल्ड कप का फाइनल भी शामिल है. (फोटो-पीटीआई)
फेरान टोरेस को फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच मिला. 12 साल के बाद किसी सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी को वर्ल्ड कप फाइनल में ये अवॉर्ड हासिल हुआ है. इससे पहले साल 2014 में जर्मनी के मारियो गोत्जे ने ये कमाल किया था (फोटो-पीटीआई)
स्पेन के लामिन यमाल के नाम भी एक खास रिकॉर्ड दर्ज हो गया. वो फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाले स्पेन के सबसे युवा खिलाड़ी बन गए. यही नहीं वो यूरो कप और फीफा वर्ल्ड कप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गए हैं. (फोटो-पीटीआई)
स्पेन को फुटबॉल वर्ल्ड कप जीतने पर फीफा की ओर से 481 करोड़ रुपये का इनाम मिला. वहीं अर्जेंटीना की टीम को लगभग 280 करोड़ रुपये मिले. अर्जेंटीना और स्पेन को हर राउंड में जगह बनाने के लिए अलग से पैसा भी मिला. (फोटो-पीटीआई)





