असम में कांग्रेस को एक और बड़ा झटका, लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने दिया इस्तीफा

असम विधानसभा चुनाव से ठीक 20 दिन पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है. पार्टी के सीनियर नेता और लोकसभा सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया. उन्होंने AICC अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा भेज दिया है. बोरदोलोई नागांव संसदीय सीट से दो बार के सांसद हैं और असम सरकार में पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं.

खास बात यह है कि बोरदोलोई के बेटे प्रतीक मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं और 9 अप्रैल को उनकी किस्मत का फैसला होना है. ऐसे में बोरदोलोई के इस्तीफे ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है, साथ ही कांग्रेस पार्टी के अंदर की कलह का भी खुलासा किया है.

क्या है इस्तीफे की वजह?

बोरदोलोई ने अपने एक लाइन के इस्तीफे में लिखा, “बेहद दुख के साथ मैं आज भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और सभी पदों से इस्तीफा देता हूं.” हालांकि माना जा रहा है कि टिकट बंटवारे से नाराजगी इस इस्तीफे की बड़ी वजह है.

सूत्रों के मुताबिक बोरदोलोई ने हाल ही में AICC प्रभारी जितेंद्र सिंह को चिट्ठी लिखकर कहा था कि अगर Lahorighat के मौजूदा विधायक आसिफ मोहम्मद नजर को दोबारा टिकट दिया गया, तो वह पार्टी छोड़ सकते हैं. बोरदोलोई का आरोप है कि नजर के करीबी सहयोगी एमदादुल इस्लाम ने अप्रैल 2025 में उन पर और अन्य नेताओं पर हमला किया था और पुलिस ने उसके खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है. उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने इसी साल इस्लाम से उनके घर पर मुलाकात की थी. Lahorighat नागांव लोकसभा सीट के अंतर्गत आता है.

हिमंत बिस्वा ने बोरदोलोई को दिया ऑफर

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को सार्वजनिक रूप से प्रद्युत बोरदोलोई को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का न्योता दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी न सिर्फ स्वागत करेगी, बल्कि उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में एक सुरक्षित सीट से चुनाव लड़ने का अवसर भी देगी.

कांग्रेस में लगातार हो रही टूट, बड़े नेता छोड़ रहे साथ

बोरदोलोई का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब कुछ हफ्ते पहले ही असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भी पार्टी छोड़कर BJP का दामन थामा है. मंगलवार को ही बोरदोलोई के करीबी सहयोगी और वरिष्ठ नेता नवज्योति तालुकदार ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया. तालुकदार गुवाहाटी सेंट्रल सीट से टिकट की दौड़ में थे, लेकिन उनकी जगह किसी और को उम्मीदवार बनाए जाने से वे नाराज चल रहे थे.

फिलहाल कांग्रेस नेतृत्व ने बोरदोलोई को मनाने की कोशिश शुरू कर दी है. प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई और AICC प्रभारी जितेंद्र सिंह दिल्ली में बोरदोलोई से मुलाकात कर रहे हैं. देखना होगा कि यह मुलाकात क्या नतीजा लाती है या फिर कांग्रेस को चुनाव से पहले एक और झटका लगेगा.

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