‘आपका आतंकी कनेक्शन है’… ये कहकर रिटायर्ड अफसर को डिजिटल अरेस्ट किया, 13 दिन में ठगे ₹57 लाख

‘आपका आतंकी कनेक्शन है’… ये कहकर रिटायर्ड अफसर को डिजिटल अरेस्ट किया, 13 दिन में ठगे ₹57 लाख

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते पांच साइबर ठगों को अरेस्ट किया है. तीन दिन पहले कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुवीर लाल से मिलकर ने अपने साथ हुई साइबर ठगी की शिकायत रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर उद्योग ने दर्ज कराई थी. पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी और तीन ही दिन में पांच आरोपियों को दबोच लिया. जांच में इंटरनेशनल ठगी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है.

जानकारी के अनुसार, पीड़ित रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर उद्योग भैरव पांडे ने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्हें 13 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया. इस दौरान उनके आतंकी कनेक्शन होने का डर दिखाकर आरोपियों ने 54 लाख रुपए ले लिए. उन्होंने 21 अप्रैल को साइबर थाने में अपने साथ हुई ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी. कानपुर के पुलिस कमिश्नर ने मिलकर भी पीड़ित ने मदद की गुहार लगाई थी. कमिश्नर ने मामले की जांच डीसीपी साइबर सेल को सौंपी.

CISF का जवान निकला साइबर ठग

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए पांच ठगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें गिरोह के मास्टरमाइंड की पहचान दाऊद अंसारी के तौर पर हुई है, जो कि उड़ीसा के राउरकेला में तैनात सीआईएसएफ का जवान है. जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के इंटरनेशनल कनेक्शन है. इनका नेटवर्क देश के पांच राज्यों में फैला हुआ है. पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने मोबाइल, गाड़ी सहित कई अन्य सामान बरामद किया है.

57 लाख की ठगी का भंडाफोड़

पीड़ित भैरव ने बताया कि ठग उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रहे थे. उन्हें किसी से भी मिलने के मना किया गया था. 13 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखने के लिए उनसे 57 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए गए. पीड़ित ने बताया कि ठग उनका कनेक्शन पुलवामा हमले से जोड़कर उन्हें डरा रहे थे. हमले में उनके नंबर का इस्तेमाल होने की बात कहीं गई थी. इसी बात से पीड़ित काफी परेशान हो गया था

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