इंडियन कोस्ट गार्ड के 6 NGOPV में से चौथे का निर्माण शुरू, समुद्री रक्षा में बड़ा कदम

भारतीय तटरक्षक बल (आईसीजी) के लिए मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) की ओर से बनाए जा रहे अगली पीढ़ी के छह अपतटीय गश्ती पोतों में से चौथे का निर्माण कार्य शुरू हो गया है और इसके लिए औपचारिक समारोह गुरुवार को मुंबई में आयोजित हुआ. आधुनिक मशीनरी और अत्याधुनिक प्रणालियों से सुसज्जित यह पोत सरकार की आत्मनिर्भर भारत योजना के अनुरूप, मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा स्वदेशी रूप से तैयार, विकसित और निर्मित किया जा रहा है.

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पहल आईसीजी की अपनी अभियानगत क्षमताओं को बढ़ाने और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि को दर्शाती है, जिससे देश की रणनीतिक स्वायत्तता भी सुदृढ़ होगी.

अपतटीय गश्ती पोतों में से चौथे का निर्माण कार्य शुरू

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि मुंबई में अगली पीढ़ी के छह अपतटीय गश्ती पोतों में से चौथे का निर्माण कार्य शुरू होने से जुड़ा औपचारिक समारोह गुरुवार को मुंबई में आयोजित हुआ. समारोह में आईसीजी और एमडीएल के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया. बयान के अनुसार, अगली पीढ़ी के इन छह अपतटीय गश्ती पोतों के निर्माण संबंधी अनुबंध की प्रक्रिया 20 दिसंबर 2023 को पूरी हुई थी.

जहाज के ढांचे की नींव रखने का समारोह

छह नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) में से चौथे, यार्ड 16404 की कील-लेइंग सेरेमनी (जहाज के ढांचे की नींव रखने का समारोह) गुरुवार को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL), मुंबई में आयोजित की गई. इस समारोह की अध्यक्षता इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) और MDL के वरिष्ठ अधिकारियों ने की. छह नेक्स्ट जेनरेशन OPV के निर्माण का अनुबंध 20 दिसंबर 2023 को हुआ था.

समुद्री हितों की रक्षा में ICG की भूमिका और मजबूत

इस जहाज में आधुनिक मशीनरी और अन्य सिस्टम होंगे. भारत सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विजन के अनुरूप, इस जहाज को MDL द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित किया जा रहा है. यह प्रोजेक्ट रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है और देश की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा.

यह पहल ICG के अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाने और तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के चल रहे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. NGOPV के नए बेड़े के शामिल होने से भारत के समुद्री हितों की रक्षा में ICG की भूमिका और मजबूत होगी.

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