कर्नाटक सीएम की कुर्सी छोड़ने से ठीक पहले मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने जाति जनगणना की रिपोर्ट को सरकारी मंजूरी देकर सूबे की सियासत में एक ऐसा बारूदी विस्फोट कर दिया है, जिसकी गूंज बरसों तक सुनाई देगी. पद से हटते-हटते खेला गया उनका यह आखिरी दांव अहिंदा राजनीति को मजबूत करने और विरोधियों को चारों खाने चित करने की एक अचूक सियासी बिसात है.