ईरान का बड़ा दांव, 4000KM दूर दागीं मिसाइलें, इजराइल-अमेरिका की बढ़ी टेंशन!

इजराइल और अमेरिका के साथ जंग में ईरान के एक मिसाइल हमले ने दुनिया को चौंका दिया है. इस मिसाइल हमले ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू को चिंता में डाल दिया है. जिसके बाद इजराइल डिफेंस फोर्स ने चिंता जताते हुए कहा कि ईरानी शासन ऐसी मिसाइलों के साथ जो लंदन, पेरिस या बर्लिन तक पहुंच सकती हैं, अब वैश्विक खतरा बन गया है.

इजराइल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने एक्स पर पोस्ट किया कि ईरानी शासन ने ऑपरेशन रोरिंग लायन की शुरुआत के बाद पहली बार लगभग 4,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली लंबी दूरी की मिसाइल दागी है.

ईरान अब वैश्विक खतरा

उन्होंने बताया, जून 2025 में ऑपरेशन राइजिंग लायन के दौरान, IDF ने खुलासा किया था कि ईरानी शासन 4,000 किलोमीटर की मारक क्षमता वाली मिसाइलें विकसित करने का इरादा रखता है, जो यूरोप, एशिया और अफ्रीका के दर्जनों देशों के लिए खतरा पैदा करती हैं. हम पहले से यह कहते आ रहे हैं कि ईरानी शासन ऐसी मिसाइलों के साथ जो लंदन, पेरिस या बर्लिन तक पहुंच सकती हैं, अब वैश्विक खतरा है. ईरानी शासन ने क्षेत्र के 12 देशों पर हमले किए हैं और एक ऐसी क्षमता विकसित कर रहा है जो कहीं अधिक व्यापक खतरा पैदा करती है.

US-UK के जॉइंट मिलिट्री बेस पर हमला

बता दें कि हिंद महासागर में अमेरिका और ब्रिटेन का जॉइंट मिलिट्री बेस है, जिसका नाम डिएगो गार्सिया है. ईरान ने इसी डिएगो गार्सिया सैन्य बेस पर अटैक किया है. मिडिल ईस्ट के बाहर ईरान ने इस मिसाइल को दागकर अपनी ताकत दिखाई है. ईरान ने 4,000 किलोमीटर दूर डिएगो गार्सिया पर बैलिस्टिक मिसाइल दागी है. हालांकि अमेरिका का कहना है कि उसने मिसाइल को इंटरसेप्ट कर दिया.

ईरान की मिसाइल क्षमता से बढ़ी चिंता

बहरहाल, मिसाइल हमले की कोशिश ने ईरान की मिसाइल क्षमता के संभावित विस्तार को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. सवाल है कि क्या ईरान 4000 किलोमीटर दूर स्थित बेस पर मिसाइलें दाग सकता है. वह भी तब जब उसके पास महज 2000 किलोमीटर रेंज की ही क्षमता वाली मिसाइल है.

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