
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष दिन-ब-दिन भयावह होता जा रहा है. अमेरिका और इजराइल के भीषण हमलों के बीच ईरान भी इजराइल के साथ-साथ खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जोरदार अटैक कर रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान देकर हलचल तेज कर दी है.
उन्होंने सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान बहुत देर होने से पहले अमेरिका के साथ समझौता कर ले, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं. ट्रंप ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने ईरान के सबसे ऊंचे पुल को ध्वस्त करने का दावा किया.
ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश
दरअसल राष्ट्रपति ट्रंप ने एक वीडियो भी साझा किया, जिसमें ईरान के करज इलाके में बड़े पुल पर हुए कथित अमेरिका-इजराइल हमले को दिखाया गया है. इस वीडियो के जरिए उन्होंने ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो ऐसे हमले आगे भी जारी रह सकते हैं.
ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने दी प्रतिक्रिया
वहीं डोनाल्ड ट्रंप की इस धमकी पर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने पलटवार किया है. उन्होंने सवाल उठाया कि अस्पतालों, दवा बनाने वाली कंपनियों और मेडिकल रिसर्च सेंटर जैसे ईरान का पाश्चर संस्थान पर हमला करने का क्या मतलब है. उन्होंने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ), रेड क्रॉस और डॉक्टरों की अंतरराष्ट्रीय संस्था डॉक्टर विदाउट बॉर्डर से इस पर प्रतिक्रिया देने की अपील की.
US President Donald Trump posts on Truth Social, “…It is time for Iran to make a deal before it is too late and there is nothing left of what still could become a great country…” pic.twitter.com/CrmxmVluPU
— ANI (@ANI) April 2, 2026
ईरान ने किए मिसाइल हमले
ईरान ने गुरुवार को इजराइल और खाड़ी के अरब देशों पर और मिसाइलें दागकर यह संकेत दिया कि वह फिलहाल हमले नहीं रोकेगा जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान से खतरा लगभग खत्म हो चुका है और युद्ध जल्द खत्म हो जाएगा.पड़ोसी देशों पर ईरान के हमलों और होर्मुज स्ट्रेट पर उसके नियंत्रण से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति बाधित हुई है, जिसका असर पश्चिम एशिया के साथ-साथ दुनियाभर में देखा जा रहा है.
30 से अधिक देशों के साथ चर्चा
युद्ध में यह ईरान की सबसे बड़ी रणनीतिक बढ़त साबित हुई है. ब्रिटेन इस स्ट्रेट को फिर से खुलवाने के तरीकों पर 30 से अधिक देशों के साथ चर्चा करने की योजना बना रहा है. इस क्षेत्र से दुनियाभर में लगभग 20 प्रतिशत तेल की आपूर्ति होती थी. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इस होर्मुज स्ट्रेट को बलपूर्वक खोला जा सकता है लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि यह काम अमेरिका का नहीं है. बुधवार रात अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए उन्होंने होर्मुज से गुजरने वाले तेल पर निर्भर देशों से देर से सही, हिम्मत दिखाने और इसे अपने कब्जे में लेने की अपील की.
‘ईरान से अब कोई खतरा नहीं रहा’
वहीं ईरान ने ट्रंप के भाषण का जवाब दिया .ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई इतनी निर्णायक रही है कि सबसे शक्तिशाली देशों में से एक माने जाने वाले ईरान से अब वास्तव में कोई खतरा नहीं रहा. ईरानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने कहा कि तेहरान के पास अभी भी छिपे हुए हथियार, गोला-बारूद और उत्पादन सुविधाएं मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि जिन केंद्रों को आप निशाना बनाने का दावा करते हैं, वे महत्वहीन हैं, और हमारा रणनीतिक सैन्य उत्पादन ऐसे स्थानों पर होता है जिनकी आपको कोई जानकारी नहीं है और आप वहां कभी नहीं पहुंच सकते.