ईरान ने पार्स गैस पर हमले के बाद कतर के LNG प्लांट पर किया अटैक, गैस की कीमतें उछाल

ईरान ने पार्स गैस पर हमले के बाद कतर के LNG प्लांट पर किया अटैक, गैस की कीमतें उछाल

अमेरिका-इजराइल ने ईरान के सबसे बड़े गैस क्षेत्र साउथ पार्स और उससे जुड़े अस्सलुयेह प्राकृतिक गैस रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स पर हमले किया है. इसके जवाब में ईरान ने कतर के एक बड़े LNG प्लांट पर हमला कर दिया है. यह वही प्लांट है जहां दुनिया की सबसे बड़ी गैस परियोजना मौजूद है. इस हमले में बड़े पैमाने पर नुकसान होने की खबर है. वहीं ईरान ने सऊदी की सबसे बड़ी तेल कंपनी अरामको की फैसिलिटी पर भी धमका दिया है.

मिडल ईस्ट में जंग अब एनर्जी पर भारी पड़ रही है. जहां पहले ये अमेरिका-इजराइल ईरान की परमाणु और मिसाइल से जुड़ी सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाने पर ज्यादा ध्यान देते थे, वहीं यह हमला ईरान के औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर व्यापक हमले करने की दिशा में एक बदलाव का संकेत देता है. जिससे इस जंग के और भयानक रूप लेने के संकेत मिले हैं.

ऑयल और गैस की कीमतों में उछाल

इस हमले के बाद ऑयल और गैस की कीमतों में उछाल आ गया है. Brent क्रूड ऑयल में 3.8 फीसद उछलकर 107 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है. यूरोपीय गैस 6 फीसद तक महंगी हो गई. इससे पहले ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी थी कि अगर उसके ऊपर हमले हुए, तो वह इस इलाके की एनर्जी साइट्स को निशाना बनाएगा. रास लफ्फान वो जगह है, जहां दुनिया की सबसे बड़ी LNG एक्सपोर्ट फैसिलिटी है. यह वही कॉम्प्लेक्स है जिसे ईरान ने अपनी लिस्ट में शामिल किया था.

क्या होगा तनाव बढ़ने का असर?

यह जंग अब और खतरनाक हो गई है. होर्मुज स्ट्रेट से शिपमेंट बंद होने का खतरा बढ़ गया है, इससे सिर्फ सप्लाई ही नहीं रुकेगी, बल्कि फ्यूचर प्रोडक्शन पर भी संकट आ सकता है क्योंकि इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा है. अब तक ईरान की अपनी एनर्जी इंडस्ट्री इस जंग से बची हुई थी, लेकिन अब मामला और बिगड़ सकता है. मार्केट को डर है कि इससे सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ेगा.

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