एम्स को लेकर छिड़ा सियासी संग्राम! रामपुर सांसद के दावे को रुचि वीरा ने बताया ‘ओछी राजनीति’

उत्तर प्रदेश की सियासत में उस समय एक नया विवाद खड़ा हो गया, जब मुरादाबाद की समाजवादी पार्टी सांसद कुंवरानी रुचि वीरा ने रामपुर सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी के उस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें रामपुर सांसद मौलाना मोहिब उला नदवी ने एम्स (AIIMS) की स्थापना को लेकर रुचि वीरा की सहमति होने की बात कही थी.

हाल ही में संसद सत्र के दौरान रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने मांग रखी थी कि रामपुर में एम्स की स्थापना की जाए. इस दौरान रामपुर सांसद ने सदन में यह दावा भी किया कि इस प्रस्ताव पर मुरादाबाद सांसद रुचि वीरा और संभल सांसद जियाउर्रहमान वर्क की पूर्ण सहमति है.

मुरादाबाद सांसद की प्रतिक्रिया

जैसे ही यह खबर स्थानीय समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक हुई तो मुरादाबाद सांसद ने तत्काल प्रभाव से एक आधिकारिक पत्र जारी कर इस दावे की धज्जियां उड़ा दी हैं. रुचि वीरा ने दो टूक शब्दों में कहा कि न तो उनसे इस विषय पर कोई चर्चा की गई और न ही उन्होंने ऐसी किसी बात पर अपनी सहमति दी है.

मुरादाबाद सांसद ने रामपुर सांसद के इस कृत्य को न केवल भ्रामक बताया, बल्कि इसे ‘ओछी राजनीति’ का हिस्सा करार देते हुए स्पष्ट किया कि वह अपनी लोकसभा क्षेत्र की जनता के हितों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेंगी, इस स्पष्टीकरण ने इंडिया गठबंधन के भीतर स्थानीय विकास प्राथमिकताओं को लेकर चल रही खींचतान को भी उजागर कर दिया है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है.

दावे का खंडन और ‘गुमराह’ करने का आरोप

रुचि वीरा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट X में कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि रामपुर सांसद द्वारा उनकी सहमति का जिक्र करना पूरी तरह से गलत और निराधार है. रुचि वीरा ने स्पष्ट किया कि उन्हें इस संबंध में किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी गई थी. सांसद ने इसे जनता को गुमराह करने वाला बयान बताते हुए कहा कि बिना मशविरे के उनके नाम का उपयोग करना मर्यादा के खिलाफ है. रुचि वीरा ने इस दावे का पूर्ण रूप से खंडन करते हुए इसे भ्रामक करार दिया और कहा कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह के असत्य तथ्यों को पेश करना विकास की राजनीति को कमजोर करता है.

मुरादाबाद के लिए एम्स की प्रतिबद्धता

सांसद रुचि वीरा ने अपनी प्राथमिकता स्पष्ट करते हुए कहा कि वह मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र में ही एम्स (AIIMS) स्थापित कराने के लिए संसद में पहले भी आवाज उठा चुकी हैं और इसके लिए निरंतर गंभीर प्रयास कर रही हैं. रुचि वीरा का तर्क है कि मुरादाबाद एक बड़ा केंद्र है और यहां बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की सख्त जरूरत है.

रुचि वीरा ने बल देकर कहा कि वह मुरादाबाद के विकास के लिए हमेशा प्रतिबद्ध रही हैं और भविष्य में भी रहेंगी, दूसरे क्षेत्र के प्रस्ताव में उनके नाम का अनुचित उपयोग उनकी निजी प्राथमिकताओं और मुरादाबाद की जनता की मांगों के विपरीत है, जिसे वह किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगी.

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