नौकरी के साथ-साथ दफ्तर में नैन-मटक्का करने वालों का कच्चा चिट्ठा खुल गया है, जहां वफादारी के वादों के बीच 40 फीसदी लोग ‘धोखे’ का खेल खेल रहे हैं. गॉसिप और ब्रेकअप के डर के साये में पनपने वाली इस ‘ऑफिस वाली मोहब्बत’ ने वर्क-लाइफ बैलेंस का ऐसा कबाड़ा किया है कि, अब लोग डेस्क पर बैठने से भी कतराने लगे हैं.