ओडिशा के ‘दशरथ मांझी’… बीमार पत्नी को रिक्शे पर लाद 300KM दूर पहुंचा 75 वर्षीय बुजुर्ग, कहानी रुला देगी

बाबू लोहार के सामने एक नहीं, कई दिक्कतें थीं. जेब में पैसे नहीं थे, सहारा देने वाला कोई नहीं था, ढलती उम्र की वजह से बाजुओं में ताकत नहीं थी. लेकिन पत्नी से प्यार और जज्बे ने उन्हें पहाड़ जैसी हिम्मत दे दी.

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