काव्या मारन का ऑफर ठुकराने वाले कोच का बड़ा फैसला, इस टीम के हेड कोच पद से भी दिया इस्तीफा

Andrew Flintoff: इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) को बड़ा झटका देते हुए इंग्लैंड लॉयंस के हेड कोच पद से पूरी तरह हटने का फैसला कर लिया है. फ्लिंटॉफ का यह फैसला तब आया है जब कुछ ही दिन पहले इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने मीडिया में उनकी आलोचनाओं का बचाव करते हुए कहा था कि ईसीबी किस्मत वाला है जो उसे फ्लिंटॉफ जैसे कोच का साथ मिला.

अब सिडनी थंडर की कमान संभालेंगे फ्लिंटॉफ

टीवी शो टॉप गियर की शूटिंग के दौरान हुए एक गंभीर हादसे के बाद फ्लिंटॉफ ने सितंबर 2024 में इंग्लैंड लॉयंस के हेड कोच की कमान संभाली थी. हालांकि, ईसीबी ने उन्हें ब्रेंडन मैकुलम के उत्तराधिकारी के रूप में टेस्ट टीम का कोच बनाने पर विचार नहीं किया. वहीं, जून में फ्लिंटॉफ को बिग बैश लीग की टीम सिडनी थंडर का कोच नियुक्त किया गया था. ईसीबी ने उन्हें इस विंटर में साउथ अफ्रीका दौरे के दौरान होने वाले दो चार-दिवसीय मैचों को छोड़ने की इजाजत भी दे दी थी, ताकि वो BBL पर ध्यान दे सकें. लेकिन अब उन्होंने दोनों जिम्मेदारियों को एक साथ निभाने के बजाए इंग्लैंड लॉयंस का पद पूरी तरह छोड़ने का फैसला लिया है.

ईसीबी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में फ्लिंटॉफ ने कहा, ‘मैंने इंग्लैंड लायंस के अपने पद से हटने का फैसला किया है. देश के बेहतरीन युवा क्रिकेटरों के साथ काम करना और उन्हें निखरते हुए देखना मेरे लिए गर्व की बात रही. मैं सभी कोचों, स्टाफ, ईसीबी के परफॉर्मेंस डायरेक्टर एड बार्नी और मुझ पर भरोसा जताने के लिए रॉब की का तहे दिल से धन्यवाद करता हूं.’ वहीं, ईसीबी ने पुष्टि की है कि माइक यार्डी 12 अगस्त से बेकेनहैम में पाकिस्तान पुरुष टीम और प्रोफेशनल काउंटी क्लब सेलेक्ट XI के खिलाफ होने वाले चार-दिवसीय मैच के लिए इंग्लैंड लॉयंस के कोच की कमान संभालेंगे.

काव्या मारन की टीम ठुकराया था ऑफर

एंड्रयू फ्लिंटॉफ द हंड्रेड लीग में नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स के कोच भी रह चुके हैं, जो अब IPL की सनराइजर्स हैदराबाद की मालकिन काव्या मारन की ही टीम है. हालांकि, एंड्रयू फ्लिंटॉफ ने 2026 सीजन के लिए मिले कांट्रैक्ट के ऑफर को ठुकरा दिया था. फ्लिंटॉफ ने खुलासा किया था कि वह काव्या मारन और उनकी टीम मैनेजमेंट के रवैये से बिल्कुल खुश नहीं थे. उनका मानना था कि फ्रैंचाइजी में उन्हें वह सम्मान और वैल्यू नहीं दी जा रही थी, जिसके वो हकदार थे.

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Exit mobile version