सीजेआई सूर्यकांत की बेंच ने घटना को गैर-राजनीतिक विरोध मानने से साफ इनकार कर दिया है. उन्होंने कहा, “यह कोई सामान्य घटना नहीं थी. यह जजों का मनोबल गिराने का एक बहुत ही सुनियोजित और जानबूझकर किया गया कदम है. शाम 5 बजे से लेकर रात 11 बजे तक मालदा का डीएम वहां बिल्कुल नहीं था. अगर यह विरोध गैर-राजनीतिक था तो वहां पॉलिटिकल लीडर क्या कर रहे थे? क्या किसी को भी अपने हाथ में कानून-व्यवस्था लेने की पूरी छूट है?”