किसी के मां का आंचल छूटा तो कोई अनाथ हुआ, एक साथ 7 अर्थियां उठने से पूर्णिया के गांव में पसरा सन्नाटा

कटिहार में हुए बस और पिकअप हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी हो गई. पर लोग अब भी अपने इष्टदेव को याद करते हुए कहते हैं कि भगवान न करे, फिर कोई शव गांव की दहलीज तक पहुंचे, गांव वाले खुद को टूटा हुआ महसूस कर रहे हैं.

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