केतु ने 25 जनवरी की सुबह पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण में गोचर किया है, जहां वो 29 मार्च तक रहेगा. इस अवस्था में केतु का प्रभाव अचानक और तीव्र होता है. ज्योतिषविदों का कहना है कि पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण में केतु का प्रवेश दो राशियों की मुसीबत बढ़ा सकता है.
