कोलंबो टेस्ट से पहले बड़ा ऐलान, 1996 वर्ल्ड कप विजेता को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बना बैटिंग कोच

Hashan Tillakaratne: भारत के खिलाफ 23 अगस्त से कोलंबो में शुरू होने वाले दूसरे टेस्ट से ठीक पहले श्रीलंका क्रिकेट (SLC) ने अपनी बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में मिली करारी हार के बाद श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड ने पूर्व दिग्गज बल्लेबाज और 1996 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य हर्षण तिलकरत्ने को नेशनल क्रिकेट टीम का नया बल्लेबाजी कोच नियुक्त किया है. तिलकरत्ने ने 21 अगस्त से श्रीलंका क्रिकेट के नेशनल हाई परफॉरमेंस सेंटर में खिलाड़ियों के साथ काम करना शुरू कर दिया है. उनका यह कॉन्टैक्ट 31 दिसंबर 2027 तक चलेगा.

कौन हैं हर्षण तिलकरत्ने और कितना है कोचिंग अनुभव?

59 साल के हर्षण तिलकरत्ने श्रीलंकाई क्रिकेट का एक बड़ा नाम हैं, उनके पास इंटरनेशनल तथा घरेलू लेवल पर कोचिंग का काफी अनुभव है. उन्होंने श्रीलंका के लिए 83 टेस्ट और 200 ODI मुकाबले खेले हैं, जिसमें उनके नाम कुल 8,200 से ज्यादा इंटरनेशनल रन दर्ज हैं. वो 1996 वर्ल्ड कप जीतने वाली श्रीलंकाई टीम के अहम सदस्य थे. इसके अलावा 2018 से 2020 अंडर-19 वर्ल्ड कप तक उन्होंने श्रीलंका अंडर-19 टीम के हेड कोच की भूमिका निभाई है.

फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी वो कोचिंग दे चुके हैं. लंका प्रीमियर लीग 2020 के पहले सीजन में वो कैंडी टस्कर्स के हेड कोच रहे थे. इसके बाद जून 2021 में उन्होंने श्रीलंका महिला टीम के हेड कोच का पद संभाला और टीम को 2022 महिला एशिया कप के फाइनल तक पहुंचाया. फिर नवंबर 2022 में उन्होंने दो साल के लिए बांग्लादेश महिला क्रिकेट टीम के हेड कोच के रूप में भी काम किया है.

श्रीलंका को क्यों पड़ी नए बल्लेबाजी कोच की जरूरत?

थिलिना कंदाम्बी के पद छोड़ने के बाद भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज विक्रम राठौर को 18 जनवरी से 10 मार्च तक कंसल्टेंसी आधार पर टीम का बल्लेबाजी कोच बनाया गया था. राठौर का कॉन्टैक्ट खत्म होने और आगामी अहम टेस्ट सीरीज को देखते हुए बोर्ड ने ये बड़ा फैसला लिया है. श्रीलंका की टीम अब उम्मीद करेगी कि तिलकरत्ने का अनुभव कोलंबो टेस्ट में बल्लेबाजों की गलतियों को सुधारने और भारत के खिलाफ सीरीज को 1-1 की बराबरी पर लाने में मददगार साबित होगा.

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