कालियाबोर सीट को हमेशा से कांग्रेस का मजबूत गढ़ माना जाता था. लेकिन कांग्रेस ने यह सीट अपने सहयोगी दल को दे दी. इससे नाराज होकर इन सभी नेताओं ने पार्टी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया. इन नेताओं ने एजीपी के सीनियर मंत्री केशव महंता की मौजूदगी में पार्टी ज्वाइन की.