भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया कि अयातुल्ला अली खामेनेई ने बढ़ते तनाव के बावजूद तेहरान में अपना घर छोड़ने या बंकर में जाने से इनकार कर दिया था. उनका कहना था कि जब तक तेहरान के 9 करोड़ लोगों के लिए सुरक्षित शेल्टर नहीं होंगे, तब तक वह खुद के लिए सुरक्षा नहीं लेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि एक नेता को आम लोगों की तरह ही जीवन जीना चाहिए और इस्लाम में शहादत को सर्वोच्च सम्मान माना जाता है.