
Karnataka News: देश की ‘सिलिकॉन वैली’ कहे जाने वाले बेंगलुरु शहर में खराब सड़कों और गड्ढों के खिलाफ नागरिकों का गुस्सा अक्सर सुर्खियों में रहता है. लेकिन इस बार पश्चिमी बेंगलुरु के एक युवा व्यवसायी ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक बेहद रचनात्मक और अलग तरीका निकाला है. पीन्या के पास रुद्रप्पा लेआउट में रहने वाले 34 वर्षीय इंजीनियर और व्यवसायी धनंजय भंडारकर ने अपने इलाके की बदहाल और धूल भरी सड़क पर दौड़ते हुए वीडियो बनाया है, जो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है.
रुद्रप्पा लेआउट बने 10 साल से अधिक समय हो चुका है और यहां 20 से अधिक परिवार निवास करते हैं. पूरे 1.7 किलोमीटर लंबे लेआउट मार्ग में से केवल शुरुआती 200 मीटर हिस्सा ही पक्का (डामर) है, जबकि बाकी 1.5 किलोमीटर सड़क बीते दो सालों से पत्थरों और उड़ती धूल से भरी हुई है. अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि कावेरी पेयजल पाइपलाइन का काम पूरा होते ही डामरीकरण कर दिया जाएगा, लेकिन पानी का कनेक्शन मिलने के एक साल बीत जाने के बाद भी सड़क की हालत जस की तस बनी हुई है.
मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा और स्थानीय विधायक से गुहार
ऑनलाइन शिकायतों पर जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो धनंजय ने विरोध का यह नया रास्ता चुना. धनंजय ने बेंगलुरु के प्रभारी और शहरी विकास मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा तथा यशवंतपुर के स्थानीय विधायक एस.टी. सोमशेखर का ध्यान खींचने के लिए अपनी रोजाना की जॉगिंग को ही विरोध प्रदर्शन का जरिया बना लिया.
अनोखा तरीका क्यों चुना?
धनंजय का कहना है कि सड़क किनारे खड़े होकर शिकायत करने वाले वीडियो पर अक्सर कोई ध्यान नहीं देता, इसलिए उन्होंने दौड़ते हुए वीडियो बनाया ताकि बात उच्च अधिकारियों तक पहुंचे. उनका एकमात्र उद्देश्य इस सड़क को पक्का बनवाना है. उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो वो अगली बार इसी खराब सड़क पर ‘हैंडस्टैंड’ (हाथों के बल उल्टा खड़े होकर) करते हुए अपना वीडियो बनाकर विरोध दर्ज कराएंगे.