चुनाव आयोग ने बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाया, जानें किसे मिली जिम्मेदारी

चुनाव आयोग ने बंगाल के मुख्य सचिव और गृह सचिव को हटाया, जानें किसे मिली जिम्मेदारी

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव घोषित होने के कुछ ही घंटों के भीतर, चुनाव आयोग ने नंदिनी चक्रवर्ती को राज्य के मुख्य सचिव पद से हटा दिया. नंदिनी के स्थान पर दुश्यंत नारियावाला को मुख्य सचिव बनाया जा रहा है. वहीं राज्य के गृह सचिव जगदीश प्रसाद मीना को भी उनके पद से हटा दिया गया है. उनके स्थान पर संघमित्रा घोष को नया गृह सचिव नियुक्त किया जा रहा है.

चुनाव की घोषणा होते ही राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई. इस दौरान आयोग को विशेष अधिकार प्राप्त हैं. आयोग राज्य सरकार के नौकरशाहों, अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के तबादलों का आदेश दे सकता है. आयोग ने अतीत में भी कई पुलिस अधिकारियों और सरकारी अधिकारियों के तबादले किए हैं. चुनाव से पहले कोलकाता के पुलिस अधीक्षक और पुलिस आयुक्त के तबादलों के उदाहरण भी मौजूद हैं. हालांकि, हाल ही में इस स्तर का कोई बदलाव कब हुआ, यह याद नहीं है.

1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं दुश्यंत

दुश्यंत 1993 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. वे इससे पहले राज्य सरकार के उत्तर बंगाल विकास विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत थे. उन्होंने आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षा विभागों की जिम्मेदारियां भी संभाली हैं. अतीत में उन्होंने सिंचाई विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभाली है. इस बार आयोग ने नंदिनी के स्थान पर दुश्यंत को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है. आयोग ने उन्हें आज (सोमवार) दोपहर 3 बजे तक कार्यभार संभालने का निर्देश दिया है.

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किसको मिली नए गृह सचिव की जिम्मेदारी

आईएएस अधिकारी संघमित्रा को जगदीश के स्थान पर नया गृह सचिव नियुक्त किया गया है. वह पश्चिम बंगाल कैडर के 1997 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. अब तक वह महिला एवं बाल कल्याण विभाग के प्रधान सचिव थे. इस विभाग से उन्होंने राज्य में महिला एवं बाल कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं की प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं.

राज्य में चुनाव की घोषणा होते ही आयोग ने जगदीश को हटाकर उन्हें गृह सचिव बना दिया. संघमित्रा को भी दोपहर 3 बजे तक कार्यभार संभालने को कहा गया है. साथ ही आयोग ने स्पष्ट किया है कि नंदिनी या जगदीश को किसी भी चुनावी कार्य में नहीं लगाया जा सकता.

पहले भी चुनाव आयोग ने लिए बड़े फैसले

अतीत में, 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान, आयोग ने पश्चिम बंगाल के तत्कालीन गृह सचिव अत्री भट्टाचार्य को उनके पद से हटा दिया था. उस समय, आयोग ने आरोप लगाया था कि अत्री ने चुनाव प्रक्रिया में कुछ ऐसे कदम उठाए थे जो आयोग के निर्देशों के अनुरूप नहीं थे. उस साल लोकसभा चुनावों के दौरान आयोग ने पुलिस प्रमुख राजीव कुमार को उनके पद से हटा दिया था. राजीव उस समय सीआईडी के अतिरिक्त महानिरीक्षक थे. हालांकि, प्रशासनिक हलकों का मानना है कि हाल के समय में किसी राज्य के मुख्य सचिव को उनके पद से हटाने का कोई उदाहरण नहीं है.

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