जंतर मंतर: रातभर जमकर हंगामे के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा, जानें अब कैसे हैं हालात

जंतर मंतर: रातभर जमकर हंगामे के बाद पुलिस ने संभाला मोर्चा, जानें अब कैसे हैं हालात

पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर में जारी आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. कल बुधवार शाम एक बार फिर हजारों की संख्या में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक जंतर मंतर पर एकत्र हुए. भारी भीड़ जुटने की वजह से वहां पर फिर से पथराव की घटना हुई. इस वजह से दो एसीपी समेत कई लोग घायल हो गए.

देर रात तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हंगामा होता रहा, हालांकि सुबह होते-होते वहां पर हालात सामान्य दिख रहे हैं. वहां पर अभी भी काफी संख्या में लोग मौजूद हैं. दिल्ली पुलिस द्वारा ड्रोन के जरिए प्रदर्शनकारियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. साथ ही दिल्ली पुलिस और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की जा रही है.

प्रदर्शनकारियों ने ढक रखे थे चेहरे

प्रदर्शनकारियों ने रात भर रेड लाइट पर जमकर हंगामा किया और पुलिस बैरीकेट को हटाने की कोशिश की. पूरी रात दिल्ली पुलिस के अधिकारी बैरीकेट पर मोर्चा संभलते नजर आए. हालांकि कुछ प्रदर्शनकारियों के चेहरे ढके दिखाई दिए. कई लोगों ने अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की. इसके लिए किसी ने स्पाइडर मैन का मास्क तो किसी ने चेहरे पर रुमाल बांध रखा था.


जंतर मंतर पर प्रदर्शन का आज 34वां दिन है. लेकिन पिछली 4 रातों से यहां पर हलचल काफी तेज हो गई है और जंतर मंतर पर लगातार भीड़ बढ़ती जा रही है. सुबह के वक्त भी हजारों की संख्या में सीजेपी समर्थक मौजूद रहे.

बाहर से भेजे गए गुंडे, माहौल खराब कर रहेः दिपके

अभिजीत दिपके का कहना है कि अब तक प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन एक महीने बाद बाहर से गुंडे भेजे गए हैं, जो माहौल खराब कर रहे हैं. ये लोग बाहरी अराजक तत्व हैं. उनका कहना है कि बातचीत जंतर-मंतर पर ही होगी.

इससे पहले जंतर-मंतर पर कल रात करीब 8 बजे तक प्रदर्शनकारियों की संख्या बढ़ते-बढ़ते 3 से 4 हजार तक पहुंच गई थी और यह देर रात बढ़ती चली गई. इस बीच पुलिस के अनुसार, वहां बड़ी संख्या में ‘असामाजिक तत्व’ एकत्र हो गए. इन प्रदर्शनकारियों की भीड़ में कुछ ऐसे लोग आ गए थे जिन्होंने पहले बेरीकेड तोड़ने की कोशिश की और फिर पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया. इसके बाद उग्र भीड़ को कंट्रोल करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा.

इस झड़प के दौरान 5 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए जिनमें 2 एसीपी, 2 इंस्पेक्टर और एक कांस्टेबल भी शामिल हैं. कई प्रदर्शनकारी भी घायल हुए हैं. ये भीड़ नई दिल्ली के जंतर-मंतर, टॉल्सटॉय मार्ग और संसद मार्ग पर NDMC बिल्डिंग के सामने एकत्र थी. सूत्रों की माने तो पुलिस ने माहौल को शांत करने के लिए CJP के नेताओं सौरभ दास और आशुतोष रांका से बात की, लेकिन भीड़ ने उनकी भी नहीं सुनी.

पुलिस के मुताबिक, बीते 2 दिनों से पुलिस और RAF के बीच इसी तरह से भिड़ंत हो रही है. पुलिस को इनपुट मिल रहे हैं कि भीड़ में कुछ असामाजिक तत्व भी शाम को आ रहे हैं और यही बाहरी लोग हंगामा करके तनाव बढ़ा रहे हैं.

पश्चिम बंगाल से आईं सुरक्षा बलों की 20 कंपनियां

इससे पहले पुलिस सूत्र ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. सभी पुलिसकर्मियों की हालत स्थिर है. पुलिस की ओर से जारी बयान में कहा गया कि पहली घटना में, शाम करीब साढ़े चार बजे प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और एक पत्थर एसीपी जय प्रकाश के माथे पर लगा जिससे वह घायल हो गए. सूत्रों ने बताया कि बाद में पथराव की एक और घटना हुई जिसमें एक अन्य एसीपी और कम से कम 4 पुलिसकर्मी घायल हो गए.

स्थिति को नियंत्रण में बनाए रखने के लिए पश्चिम बंगाल से CRPF की 20 और कंपनियां दिल्ली बुलाई गई हैं और जो यहां पहुंच कर दिल्ली पुलिस को रिपोर्ट कर चुकी हैं. ये कंपनियां anti Riot वेपन के साथ तैनात रहेंगी और Stun Shell भी साथ रहेंगे. फिलहाल मौके पर दिल्ली पुलिस, सीआरपीएफ और RAF की टीमें एंटी राइट्स गियर के साथ जंतर-मंतर के आस पास तैनात की गई हैं.

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