‘जमीन के बदले नौकरी’ का यह मामला 2004 से 2009 के बीच लालू यादव के रेल मंत्री के कार्यकाल का है. आरोप है कि लालू के समय भारतीय रेलवे के पश्चिम मध्य जोन में ग्रुप डी की नियुक्तियां उन उम्मीदवारों को दी गईं, जिन्होंने राजद प्रमुख के परिवार या सहयोगियों के नाम पर भूखंड उपहार में दिए थे.
