जिनेवा में बोले स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, AI से हेल्थ सेक्टर में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

जिनेवा में बोले स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, AI से हेल्थ सेक्टर में हो रहा क्रांतिकारी बदलाव

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा 79वीं वर्ल्ड हेल्थ असेंबली में हेल्थ सेक्टर में आर्टिफिशल इंटेलीजेंस (AI) के इस्तेमाल पर भारत का पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बना सकता है, लेकिन इसके लिए सही कानून, नैतिक निगरानी और बराबरी जरूरी है ताकि हर व्यक्ति को इसका फायदा मिले. स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि भारत ने 2015 में डिजिटल इंडिया के जरिए डिजिटल हेल्थ की मजबूत नींव रखी थी. 2017 की राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में डिजिटल और आपस में जुड़े हेल्थ सिस्टम की कल्पना की गई थी.

इसी दिशा में 2021 में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन शुरू किया गया, जिससे लोगों का हेल्थ डेटा सुरक्षित और सहमति के आधार पर डिजिटल रूप में उपलब्ध हो सके. जेपी नड्डा ने कहा कि सिर्फ डेटा और डिजिटलीकरण काफी नहीं है, AI के सुरक्षित और जिम्मेदार इस्तेमाल के लिए अलग नियम और व्यवस्था जरूरी है.

स्ट्रेटेजी फॉर एआई इन हेल्थकेयर फॉर इंडिया का जिक्र

उन्होंने फरवरी 2026 में लॉन्च हुई स्ट्रेटेजी फॉर एआई इन हेल्थकेयर फॉर इंडिया का जिक्र किया, जिसे भारत की हेल्थ AI नीति का बड़ा कदम बताया गया. उन्होंने कहा कि एसएएचआई ग्लोबल साउथ से आने वाली पहली व्यापक हेल्थ AI रणनीति है, जो AI को पारदर्शी, नैतिक और लोगों के हित में इस्तेमाल करने पर जोर देती है.

AI को जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी

मंत्री ने कहा कि भारत 1.4 अरब लोगों, 22 भाषाओं और अलग-अलग स्वास्थ्य सुविधाओं वाले देश में AI लागू कर रहा है, इसलिए AI को जिम्मेदारी से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है. उन्होंने BODH प्लेटफॉर्म का जिक्र किया, जो यह जांच करेगा कि AI सिस्टम भारत के अलग-अलग लोगों और परिस्थितियों में सही और सुरक्षित तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं.

अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी

नड्डा ने कहा कि AI से जुड़ी चुनौतियों और अवसरों से कोई भी देश अकेले नहीं निपट सकता, इसलिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग जरूरी है. उन्होंने भरोसेमंद हेल्थ डेटा सिस्टम, संयुक्त रिसर्च और नैतिक AI विकास पर वैश्विक साझेदारी की बात कही. AI का भविष्य सिर्फ तकनीक से नहीं, बल्कि सरकारों और समाज के फैसलों से तय होगा. पीएम मोदी के विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ ‘आर्टिफिशल इंटेलीजेंस’ नहीं बल्कि ‘ऑल – इंक्लूसिव इंटेलीजेंस’ में विश्वास रखता है.

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