भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन पर देश के 277 प्रबुद्ध नागरिकों ने तीखा प्रहार किया है. 26 पूर्व न्यायाधीशों, 102 नौकरशाहों और 149 पूर्व सैन्य अधिकारियों ने साझा पत्र लिखकर इसे राष्ट्रीय गरिमा के साथ विश्वासघात बताया. पत्र में कांग्रेस की राजनीति पर निशाना साधते हुए कहा गया कि निजी स्वार्थ के लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की छवि को नुकसान पहुँचाना एक सोची-समझी नौटंकी है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.