ट्रेन में पैसेंजर को पीटने वाला वेंडर जाएगा जेल? पहले से हैं 13 केस… जबलपुर में रेल प्रशासन की सख्ती

मध्यप्रदेश में एक बार फिर TV9 भारतवर्ष की खबर का बड़ा असर देखने को मिला है. शनिवार को जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर यात्री के साथ मारपीट करने वाले अवैध वेंडर को आरपीएफ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी को पहले नोटिस देकर छोड़ा गया था, लेकिन आज सुबह दोबारा स्टेशन में घुसने के दौरान दोबारा गिरफ्तार किया गया है और कल न्यायालय में पेश किया जाएगा. आरोपी वेंडर के खिलाफ पूर्व में 13 मामले दर्ज है.

दरअसल रेल प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करता है, लेकिन घटनाएं इन दावों की पोल खोल रही हैं. शनिवार 8 नवंबर की शाम पौने 8 बजे मुंबई-बनारस महानगरी एक्सप्रेस के रवाना होने से पहले प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर अवैध वेंडर ने यात्री से मामूली कहासुनी के बाद रॉड से हमला कर दिया. बताया गया कि आउटर पर ट्रेन खड़ी होने के दौरान जनरल कोच में भीड़ के कारण यात्री ने वेंडर को अंदर नहीं चढ़ने दिया, जिसके बाद वेंडर स्टेशन पहुंचकर पानी भरने वाली लोहे की रॉड से यात्री पर टूट पड़ा.

घटना के दौरान मौजूद आरपीएफ जवानों ने तुरंत वेंडर को गिरफ्तार कर थाने ले जाकर मामला दर्ज किया था. बाद में नोटिस देकर छोड़ा गया और दोबारा स्टेशन पर न दिखने की हिदायत दी गई थी. इसके बावजूद आरोपी सुबह फिर वेंडर की टीशर्ट पहनकर स्टेशन पहुंच गया. जब आरपीएफ ने उसे अंदर जाने से रोका, तो उसने पुलिसकर्मियों से ही बदसलूकी शुरू कर दी. आरोपी की पहचान रीवा निवासी राजीव कुमार के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ पहले से 13 मामले दर्ज हैं. अब उसके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई कर कल न्यायालय में पेश किया जाएगा.

सीट पर जाकर पीटा

यह मामला कोई पहला नहीं है. इससे पहले भी जबलपुर स्टेशन और ट्रेनों में अवैध वेंडरों की गुंडागर्दी सामने आ चुकी है. 15 जुलाई को ट्रेन नंबर 11463 वेरावल-जबलपुर सोमनाथ एक्सप्रेस में यात्री की शिकायत के बाद आधा दर्ज वेंडरों ने सीट पर पहुंचकर उसकी जमकर पिटाई कर दी थी. यात्री ने खाने और पानी की बोतलें महंगे दामों पर बेचने तथा भोजन की खराब क्वालिटी की शिकायत रेल मंत्री से की थी. घटना गोधरा स्टेशन की बताई गई थी.

वेंडर ने उतरवा ली थी घड़ी

इसके बाद 17 अक्टूबर को जबलपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर एक और चौंकाने वाली घटना हुई थी. समोसा बेचने वाले वेंडर ने यूपीआई ट्रांजैक्शन फेल होने पर यात्री की कॉलर पकड़ ली और उसकी कलाई से घड़ी उतरवा ली. यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में कैद हो गया था, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वीडियो सामने आने के बाद जबलपुर DRM ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी वेंडर संदीप गुप्ता की पहचान की, उसका लाइसेंस निरस्त किया और ₹1 लाख का जुर्माना लगाया था.

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