Indian Railway Viral News: भारतीय रेलवे अपनी अनूठी खबरों के लिए अक्सर चर्चा में रहता है, लेकिन इस बार सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसने रेलवे प्रशासन की सुरक्षा और नियमों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. महाराष्ट्र के बल्हारशाह से दादर (मुंबई) के बीच चलने वाली नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट AC कोच का एक वीडियो इंटरनेट पर खूब वायरल हुआ है. इस वीडियो में ट्रेन के एक पूरे केबिन को किसी नवविवाहित जोड़े के लिए हनीमून सुइट की तरह तब्दील कर दिया गया है. मामला जैसे ही रेल मंत्रालय और उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित टीटीई (TTE) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है.
वायरल हो रहा वीडियो नंदीग्राम एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी (First AC) कोच का है, जो देखने में बेहद आलीशान और चौंकाने वाला है. वीडियो में कैमरा जैसे ही केबिन के बाहर से अंदर दाखिल होता है, नजारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आता है. ट्रेन की पूरी बर्थ को रंग-बिरंगे गुब्बारों, ताजे फूलों और खूबसूरत गुलदस्तों से सजाया गया है. ट्रेन की सीट पर लाल गुलाब की पंखुड़ियों को इस तरह बिखेरा गया है, जिससे एक बड़ा सा दिल बना हुआ है.
सबसे ज्यादा हैरान और डराने वाली बात यह थी कि चलती ट्रेन के उस केबिन के बीचों-बीच कुछ दीपक (मोमबत्तियां) भी जल रहे थे, जिससे ट्रेन में आग लगने का बड़ा खतरा पैदा हो सकता था.
डेकोरेटर को बुलाकर कराई थी बुकिंग
मामला सोशल मीडिया पर ट्रेंड होने के बाद रेलवे प्रशासन तुरंत हरकत में आया. बुधवार को रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक बयान में इस पूरी घटना का सच सामने रखा गया. रेलवे ने बताया कि यह घटना मंगलवार को नंदीग्राम एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 11002 डाउन) के फर्स्ट एसी कोच में हुई. ट्रेन में सफर कर रहे एक नवविवाहित जोड़े ने अपनी यात्रा को यादगार बनाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से एक प्राइवेट डेकोरेटर (सजावट करने वाले) की सेवाएं ली थीं.
डेकोरेटर ने ट्रेन के अंदर स्टेशन पर घुसकर पूरी बर्थ को सजाया, लेकिन इसके लिए रेलवे प्रशासन या सुरक्षा बलों से कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई थी. चलती ट्रेन में ज्वलनशील दीपक जलाना और बिना अनुमति बाहरी व्यक्ति का एसी कोच में घुसना सुरक्षा में एक बहुत बड़ी चूक माना गया. रेलवे ने इस लापरवाही को बेहद गंभीरता से लेते हुए ड्यूटी पर तैनात ट्रेन टिकट निरीक्षक (TTE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ ही, इस मामले में एक विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं कि आखिर बिना अनुमति के बाहरी शख्स ट्रेन के अंदर इतनी बड़ी सजावट कैसे कर गया.
क्या कहते हैं भारतीय रेलवे के नियम?
भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक, चलती ट्रेन के डिब्बे (जैसे फर्स्ट एसी कोच) में बिना अनुमति के अनाधिकृत रूप से बाहरी व्यक्तियों (जैसे कमर्शियल डेकोरेटर) को बुलाकर सजावट करवाना और कोच के अंदर मोमबत्तियां या दीपक जैसी ज्वलनशील वस्तुएं जलाना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है. इस तरह के कृत्य के लिए रेलवे अधिनियम, 1989 (The Railways Act, 1989) के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और जेल की सजा का प्रावधान है.
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किन-किन के खिलाफ सजा (कार्रवाई) होती है?
सफर कर रहे यात्रियों (कपल) के खिलाफ: नियमों का उल्लंघन कर ट्रेन में जोखिम पैदा करने और बिना अनुमति व्यावसायिक गतिविधि कराने के लिए मुख्य आरोपी के तौर पर.
बाहरी डेकोरेटर/एजेंसी के खिलाफ: बिना वैध अनुमति या अथॉरिटी के रेलवे परिसर और कोच के भीतर व्यावसायिक रूप से प्रवेश करने और काम करने के लिए.
रेलवे कर्मचारियों (जैसे TTE और कोच अटेंडेंट) के खिलाफ: अपनी ड्यूटी के दौरान लापरवाही बरतने, कोच में अनधिकृत गतिविधि न रोकने और सुरक्षा में चूक होने देने के लिए विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई (जैसे तत्काल निलंबन और जांच).
रेलवे नियमों के मुताबिक क्या-क्या सजा होती है?
अनाधिकृत प्रवेश और हॉकिंग (Section 144 & 147): रेलवे की अनुमति के बिना किसी भी कोच में व्यावसायिक गतिविधि (जैसे डेकोरेशन सर्विस देना) करना या बिना उचित टिकट/पास के प्रवेश करना अपराध है. इसके तहत 6 महीने तक की कैद या 1,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों की सजा हो सकती है. यह मुख्य रूप से डेकोरेटर और उसे बुलाने वाले यात्री पर लागू होता है.
ट्रेन में ज्वलनशील वस्तुएं या आग जलाना (Section 164): चलती ट्रेन में मोमबत्ती, दीपक या किसी भी तरह की आग जलाना सह-यात्रियों की जान जोखिम में डालने जैसा है, क्योंकि इससे पूरी ट्रेन में आग लगने का खतरा रहता है. इस धारा के तहत अपराध सिद्ध होने पर 3 साल तक की जेल या 5,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों सजाएं एक साथ दी जा सकती हैं. इसके अलावा, यदि इस वजह से कोई नुकसान होता है, तो उस नुकसान की भरपाई भी दोषी से ही कराई जाती है.
सह-यात्रियों के लिए खतरा या उपद्रव पैदा करना (Section 145): ट्रेन में कोई भी ऐसा कृत्य करना जिससे अन्य यात्रियों की शांति भंग हो, सुरक्षा को खतरा हो या कोई असुविधा हो, वह इस धारा के तहत आता है. पहली बार के अपराध के लिए जुर्माना और बार-बार ऐसा करने पर 6 महीने तक की कैद की सजा हो सकती है.
