भारत में F414 जेट इंजन के सह-उत्पादन के लिए जीई एयरोस्पेस और HAL के बीच तकनीकी सहमति बन गई है. यह कदम भारत के भावी लड़ाकू विमानों को नई ताकत देगा. साथ ही IAF और GE के बीच हुए एक अन्य समझौते के तहत तेजस के F404 इंजनों के रखरखाव के लिए भारत में ही डिपो बनाया जाएगा, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी और भारत की रक्षा क्षमताएं मजबूत होंगी.