होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के कारण तेल, गैस और पेट्रोकेमिकल सप्लाई में गंभीर रुकावटें आई हैं, जिससे प्लास्टिक और पॉलिमर की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है. यह स्थिति वैश्विक बाजार को प्रभावित कर रही है, खासकर एशियाई देशों को जो आयात पर निर्भर हैं. सबसे अधिक प्रभावित देशों में भारत भी शामिल है.