
Varanasi Dalmandi Project: वाराणसी में 220 करोड़ की लागत से बन रहे दालमंडी प्रोजेक्ट के लिए रविवार का दिन बेहद अहम रहा. रविवार को एक तरफ दालमंडी प्रोजेक्ट का भूमि पूजन हुआ तो दूसरी ओर मुसलमानों ने मस्जिद में दुआख्वानी पढ़ी. सुबह 11 बजे शहर दक्षिणी के विधायक नीलकंठ तिवारी भूमि पूजन के लिए बैठे. श्रावण मास की एकादशी के दिन पंडित भोलेनाथ पाण्डेय ने भूमि पूजन कराया.
भूमि पूजन के दौरान बीजेपी कार्यकर्ता और स्थानीय लोगों ने हर हर महादेव और जय श्रीराम का उद्घोष किया. भूमि पूजन के बाद विधायक नीलकंठ तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2025 को इस परियोजना की आधारशिला रखी थी. रविवार को इसका भूमि पूजन संपन्न हुआ. ये 650 मीटर लम्बी सड़क पूर्वांचल में एक आदर्श सड़क होगी. 17.4 मीटर चौड़ी इस सड़क के दोनों ओर बिजली -पानी और सीवर का अंडर ग्राउंड कनेक्शन होगा. लोगों के चलने के लिए व्यवस्था होगी और व्यापार के दृष्टिकोण से एक आदर्श स्थिति बनाई जाएगी.
उद्योग को मिलेगी संजीवनी
विधायक नीलकंठ तिवारी ने कहा कि गिरिजा घर-लहुराबीर मार्ग और गोदौलिया-मैदागिन मार्ग को प्राण वायु मिलेगा. कुंज गली की बनारसी साड़ी उद्योग को भी इससे संजीवनी मिलेगी और सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि जो दालमंडी अपने कंजस्टेड गली की वजह से विकास की दौड़ में पीछे रह गई थी अब वो भी विकास की दौड़ में एक ऊंची छलांग लगाएगी.
भूमि पूजन के बाद मुस्लिम समाज के लोगों ने भी दालमंडी से मुसीबतें दूर हो जाएं और बलाएं टल जाएं, इस मकसद से मस्जिद में दुआख्वानी पढ़ी. दुआख्वानी के बाद दालमंडी में लड्डू बांटे गए. मुस्लिम समाज के लोगों ने शहर दक्षिणी के विधायक नीलकंठ तिवारी पर आरोप लगाया कि विधायक ने जानबूझकर दालमंडी के व्यापरियों को परेशान किया और उनसे दूरी बनाकर रखी.
मुस्लिम समाज के लोगों ने लगाया ये आरोप
दालमंडी के मोहम्मद फैसल खान ने कहा कि विधायक नीलकंठ दस साल तक दालमंडी में झांकने तक नही आएं. उनको दालमंडी के व्यापारियों के पास आकर उनका दर्द सुनना चाहिए था. बाकी अब इस दालमंडी परियोजना का काम तेजी से पूरा होना चाहिए, ताकि हम यहां फुल फ्लेज्ड व्यापार कर सकें. मोहम्मद इमरान कहते हैं कि हमारी दो दुकाने जो फ्रंट पर थीं वो चौड़ीकरण में चली गई हैं. अब रेंट पर दुकान ली है. रेंट भी अब इस इलाके में ज्यादा बढ़ गया है, तो अब यहां बिकने वाले सामान की कीमतें भी बढ़ेंगी.
दालमंडी के आदिल खान ने कहा कि बनारस गंगा-जमुनी तहजीब वाला शहर है. यहां दालमंडी प्रोजेक्ट के लिए भूमि पूजन हुआ तो दुआख्वानी भी पढ़ी गई. विधायक की मंशा थी कि मुसलमानों को परेशान किया जाए, लेकिन हुआ इसका उल्टा. दालमंडी के फ्रंट पर पहले 75:25 का रेशियो था. मतलब सौ में 75 मुसलमान तो 25 हिंदू व्यापारी, लेकिन चौड़ीकरण के बाद ये रेशियो 95:5 का हो गया है. सौ में से 95 मुसलमान और 5 हिंदू. सबसे ज़्यादा नुकसान तो हमारे हिंदू व्यापारियों का ही हुआ.
यहां प्रॉपर्टी के रेट मार्केट रेट का लगभग दो गुणा
आदिल खान ने कहा कि उल्टा यहां दालमंडी में प्रॉपर्टी के रेट मार्केट रेट का लगभग दो गुणा बढ़ गए हैं. किराया के बढ़ने से अब यहां बिकने वाले सामान भी महंगे मिलेंगे. सरकार हमसे दालमंडी छीनना चाहती थी, लेकिन वो तो अब हमारे लिए दिल्ली के चांदनी चौक और लखनऊ के हजरतगंज की तर्ज पर पूर्वांचल का सबसे एडवांस मार्केट बनाने जा रही है.
दालमंडी प्रोजेक्ट एक नजर में…
- 22 जुलाई 2025 योगी कैबिनेट की प्रोजेक्ट को मंजूरी.
- 30 जुलाई 2025 को दालमंडी के लिए 215 करोड़ के बजट को योगी कैबिनेट ने दी मंजूरी.
- 2 अगस्त 2025 को पीएम मोदी ने प्रोजेक्ट की आधारशिला रखी.
- नई सड़क से चौक थाने तक मार्ग की लंबाई 650 मीटर तथा चौड़ाई लगभग 17.4 से 17.5 मीटर होगी, जिसमें दोनों तरफ आधुनिक पाथ-वे/फुटपाथ शामिल हैं.
- सड़क के दोनों किनारों पर भूमिगत सीवर लाइन, पेयजल कनेक्शन, बिजली के तार और आधुनिक स्ट्रीट लाइटें विकसित की जा रही हैं जिससे तारों का जंजाल न दिखे.
- प्रोजेक्ट के तहत 181 भवन और 6 मस्जिद के अधिकांश हिस्से जो चौड़ीकरण के जद में आ रहे थे उनमें 170 से ज़्यादा भवन और मस्जिदों के हिस्सों को हटाया गया(अभी सात भवनों को लेकर मामला हाईकोर्ट में है).
- अभी तक 160 करोड़ के आसपास मुआवजा दिया गया है. और नवंबर तक ये प्रोजेक्ट पूरा किया जाना है.