राष्ट्रपति ट्रंप के लिए ईरानी जमीन पर अपनी सेना उतारने का सबसे आसान रास्ता पाकिस्तान से होकर गुजरता है. अगर ट्रंप यह मांग करते हैं, तो आसिम मुनीर के लिए ‘ना’ कहना लगभग नामुमकिन होगा. लेकिन अगर वह ‘हां’ कहते हैं, तो यह ईरान की मिसाइलों को न्योता देने जैसा होगा. साथ ही पाकिस्तान और ईरान दोनों ओर के बलूच, जो ऐसे ही मौके की तलाश में हैं, अपने प्रतिरोध को और तेज कर सकते हैं. पोस्टमैन बनने की अपनी उत्सुकता में पाकिस्तान खुद को एक चट्टान और खाई के बीच फंसा चुका है.