दुनिया के लिए फिर खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, क्या सस्ता होगा तेल? ईरान और ओमान में हो सकती है डील

दुनिया के लिए फिर खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, क्या सस्ता होगा तेल? ईरान और ओमान में हो सकती है डील

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बड़ा अपडेट आया है. दावा किया जा रहा है कि ईरान और ओमान के बीच एक समझौते का ढांचा तैयार हो गया है. जल्द ही होर्मुज खोलने पर सहमति बन सकती है. हालांकि, अभी समझौते का अंतिम मसौदा और पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. अगर यह समुद्री रास्ता एक बार फिर खुलता है तो भारत समेत दुनिया के कई देशों के लिए राहत की बात होगी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता हसन गशघावी ने बताया कि ईरान और ओमान के बीच समझौते का सामान्य ढांचा तय हो चुका है. इसकी अंतिम शर्तों और बाकी जानकारी जल्द जारी की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि अंतिम फैसला ईरान के उच्च स्तर पर लिया जाना बाकी है.

कब पूरी तरह खुलेगा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

ईरान ने साफ किया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह खोलने का फैसला अमेरिका की समुद्री नाकाबंदी हटाने पर निर्भर करेगा. हालांकि, अमेरिका की तरफ से अभी ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है कि वह नाकाबंदी हटाने के लिए तैयार है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अस्थायी रास्तों के जरिए जहाजों की आवाजाही के लिए किसी खास मंजूरी, अनुमति या शुल्क की जरूरत नहीं होगी. यानी फिलहाल रास्ता पूरी तरह खोलने को लेकर स्थिति साफ नहीं है. ईरान और ओमान के बीच बातचीत से उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन अंतिम समझौते के लिए अभी कुछ अहम फैसले बाकी हैं.

ईरान के हाथ में हो सकती है जहाजों की एंट्री

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने विदेश मंत्रालय के एक सूत्र के हवाले से बताया कि प्रस्तावित समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के प्रवेश पर नियंत्रण ईरान का हो सकता है. वहीं, जहाजों के बाहर निकलने की निगरानी ईरान और ओमान मिलकर कर सकते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, जहाजों के लिए एक केंद्रीय रास्ता तय किया जा सकता है. इसके अलावा अभी सीमित रूप से इस्तेमाल हो रहे दो अन्य रास्तों पर एक तय समय के बाद आवाजाही बंद की जा सकती है. ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने भी इस सप्ताह कहा था कि ओमान के साथ सैद्धांतिक रूप से समझ बन गई है.

क्या सस्ता होगा तेल?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किसी समझौते के करीब पहुंचने के साथ ईंधन की कीमतों में गिरावट आ सकती है. फॉक्स न्यूज के मुताबिक, ट्रंप ने कहा कि बातचीत में हो रही प्रगति से दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल की आवाजाही को स्थिर करने में मदद मिल सकती है. अगर बातचीत सफल रहती है और दोनों देशों के बीच समझौता हो जाता है, तो पेट्रोल की कीमतें कम होने की उम्मीद बढ़ सकती है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों है जरूरी?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है. इसके जरिए दुनिया के 20 फीसदी तेल और ऊर्जा उत्पादों की सप्लाई होती है. हाल के तनाव के बावजूद इस रास्ते से ऊर्जा की सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई है, लेकिन पहले के मुकाबले इसकी मात्रा कम हुई है. अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह खुल जाता है तो तेल और दूसरे ऊर्जा उत्पादों की सप्लाई बढ़ सकती है. इससे दुनिया के तेल बाजार पर दबाव कम होने की उम्मीद भी बढ़ सकती है. साथ ही, इस रास्ते को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव कम होने पर दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत का रास्ता भी खुल सकता है.

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