कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र गौतम अनुसार अगर मई महीने में किसान गोबर की सड़ी हुई खाद का सही तरीके से उपयोग करें तो मिट्टी की उर्वरक क्षमता बढ़ती है. धान की फसल बेहतर होती है. जैविक खाद से न सिर्फ जमीन की गुणवत्ता सुधरती है बल्कि उत्पादन भी बढ़ता है.