नागौर: 10 टन विस्फोटक केस की जांच अब NIA के हवाले, राष्ट्रीय सुरक्षा एंगल से होगी जांच

राजस्थान के नागौर जिले के थांवला थाना क्षेत्र के हरसौर में पुलिस द्वारा बरामद 10 टन विस्फोटक मामले में अब केंद्रीय एजेंसी के एंट्री हो गई है. भारत सरकार के गृह मंत्रालय से मिले आदेश के बाद नागौर पुलिस ने पूरी जांच अब NIA के सुपुर्द कर दी है. अवैध विस्फोटक बरामद करने के मामले में यह राजस्थान की सबसे बड़ी कार्रवाई थी, जिसके बाद शुरूआती तौर पर NIA और IB ने भी इस मामले की जांच की थी.

इसकी रिपोर्ट के आधार पर अब पुरे मामले की जांच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने NIA को सौंपने का आदेश दिया है. गृह मंत्रालय के आदेश के बाद शुक्रवार को नागौर एसपी ने मामले से जुड़ी पूरी फ़ाइल एनआईए को सुपुर्द कर दी है.

4 बड़े सप्लायर गिरफ्तार

गौरतलब है कि नागौर पुलिस ने 24 जनवरी को थांवला थाने के हरसौर में सुलेमान खान के घर से 9550 किलो अमोनियम नाइट्रेट के साथ साथ भारी मात्रा में डेटोनेटर और ब्लास्टिंग में काम आने वाले वायर भी बरामद किये थे. इस मामले में आरोपी सुलेमान की गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद उसे सप्लाई करने वाले 4 बड़े सप्लायर को भी नागौर पुलिस द्वारा गठित एसआईटी टीम ने अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार किया है.

इन आरोपियों को रिमांड अवद्धि में पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया है. वहीं इस मामले में पुलिस ने आधा दर्जन लोगों को नामजद भी किया हुआ है. लेकिन अब इस पूरे मामले की जांच NIA को सौंप दी गई है.

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