जिम्बाब्वे दौरे पर अंतरिम मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण ने सिर्फ तीन मैचों में टीम इंडिया का माहौल बदल दिया. खिलाड़ियों पर भरोसा, सीमित बदलाव और शांत नेतृत्व ने उनकी कोचिंग शैली को गौतम गंभीर से अलग साबित किया. श्रेयस अय्यर और वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों की खुली तारीफ के बीच यह बहस भी तेज हो गई है कि क्या भविष्य में भारतीय टीम को अलग-अलग प्रारूपों के लिए अलग मुख्य कोच की जरूरत पड़ सकती है?
