न यूपी, न तमिलनाडु, देश को सबसे ज्यादा जामुन देने वाला राज्य कौन सा? सऊदी-कतर तक डिमांड

न यूपी, न तमिलनाडु, देश को सबसे ज्यादा जामुन देने वाला राज्य कौन सा? सऊदी-कतर तक डिमांड

जामुन ऐसा फल है जिसके 100 से ज्यादा नाम है. भारत समेत एशियाई देशों में इसे जाम्बुल, जाम्बोलन, नवल, नवल पज़म, नेराले, राजमन, जामली और जाम्बलांग जैसे नामों से पुकारा जाता है. भारत वो देश है जो जामुन के उत्पादन और निर्यात के मामले में सबसे आगे है. दुनिया के कई देशों में भारतीय जामुन की मांग है. इनमें संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सऊदी अरब, कतर, ओमान, कुवैत, संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं.

भारत में जामुन की कई वैरायटी है, लेकिन बहाडोली जामुन को जीआई टैग मिला हुआ है. यह महाराष्ट्र के पालघर जिले के बहाडोली गांव में उगने वाली खास तरह की किस्म है. जो अपने मीठे स्वाद और बेहतरीन गुणवत्ता के लिए जानी जाती है. महाराष्ट्र वो राज्य है जो देश को सबसे ज्यादा जामुन देता है. सिर्फ पालघर ही नहीं, थाणे का बदलापुर जामुन भी यहां की खास वैरायटी है.

देश को जामुन देने वाले राज्य

भले ही महाराष्ट्र को जामुन का गढ़ कहा जाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश दूसरे नम्बर पर है, जहां उत्पादन के साथ इसकी अलग-अलग प्रजातियां पाई जाती हैं. उत्तर प्रदेश के अलावा तमिलनाडु, गुजरात और असम भी जामुन की पैदावार के लिए जाने जाते हैं.

Jamun Benefits

महाराष्ट्र के अलावा यूपी, तमिलनाडु में भी जामुन की पैदावार होती है. फोटो: Pexels

पैदावार लगातार इसलिए भी बनी हुई है क्योंकि जामुन की पेड़ की आयु औसतन 100 साल मानी जाती है. इनकी लम्बाई 30 मीटर तक हो सकती है. ये घनी छाया देने के साथ फलों की पैदावार के लिए जाने जाते हैं.

महाराष्ट्र कैसे बन गया गढ़?

पालघर हो या ठाणे, ये महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र में आते हैं. कोंकण क्षेत्र में जामुन की खेती सबसे ज्यादा होती है. यहां दहानू इलाके का बहाडोली जामुन देश भर में मशहूर है, जो अपने स्वाद और गुणवत्ता के लिए जाना जाता है.जामुन के लिए समशीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय जलवायु सबसे बेहतर मानी जाती है. कोंकण का गर्म-नम मौसम इसके लिए परफेक्ट होता है. पेड़ पर गर्मी और बारिश का ज्यादा असर नहीं पड़ता, जिससे यहां पौधे मजबूती से टिके रहते हैं.

Java Plum (1)

बहाडोली जामुन देशभर में मशहूर है.

हर साल मानसून के मौसम में जामुन बाजार में आता है. कोंकण की तेज बारिश फल पकने के लिए अनुकूल साबित होती है जबकि फूल आने के समय ज्यादा बारिश नुकसानदेह होती है, जिसका यहां संतुलन बना रहता है. यही नहीं, यहां की बेहतर जल निकासी वाली और उपजाऊ दोमट मिट्टी इसकी खेती के लिए आदर्श मानी जाती है.

Jamun Export

जामुन को सुपरफूड भी कहा जाता है.

जामुन की व्यावसायिक खेती महाराष्ट्र के अलावा तमिलनाडु, गुजरात, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में भी होती है, लेकिन कोंकण की खास जलवायु-मिट्टी के तालमेल और वहां की प्रीमियम बहाडोली किस्म की वजह से महाराष्ट्र को अलग पहचान मिली है.

क्यों दुनियाभर में पॉपुलर?

जामुन को सुपरफूड भी कहा जाता है. इसे खासतौर पर डायबिटीज के मरीज के लिए बेहतर फल कहा जाता है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं. विटामिन-ए, बी, बी1, बी6 और ई की मौजूदगी इसे खास बनाते हैं.

Jamun Drink

जामुन से बननी वाली ड्रिंक भी ट्रेंड में है.

जामुन में संतरे के मुकाबले 3 गुना अधिक विटामिन-सी पाया जाता है. यही वजह है कि यह स्किन को हेल्दी रखता है और घावों को तेजी से भरने का काम करता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन-सी इम्युनिटी को बढ़ाते हैं और शरीर रोगों से लड़ने में ताकतवर बनता है. यही नहीं, जोड़ों और मांसपेशियों के दर्द में भी यह असरदार साबित होता है.

फूड एक्सपर्ट्स कहते हैं, जामुन को अब सिर्फ ताजा फल के तौर ही नहीं, इसे कई तरह से खाने का चलन है. इसे ड्राइड फ्रूट, फ्रोजन फ्रूट, जूस, स्मूदी और जैम के रूप में भी खाया जाता है.

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