कार्रवाई से पहले आयोग ने इन तीनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. साहा और डे ने नोटिस का जवाब दिया लेकिन आयोग उससे बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं था. वहीं कुमारजीत दत्ता ने तो आयोग का नोटिस लेने से ही एकदम इनकार कर दिया था. इसके बाद इलेक्शन कमीशन ने तीनों पर कड़ा एक्शन लेने का आदेश जारी कर दिया. चुनाव में किसी भी पार्टी का सपोर्ट करने वाले अधिकारियों पर आयोग की पैनी नजर है.