अब तक मोदी सरकार के दो कार्यकाल में जो मंत्रिमंडल विस्तार हुआ है, तब बीजेपी खुद अपने दम पर बहुमत में थी. सहयोगियों को सम्मान और पद जरूर मिला. लेकिन अबकी बार NDA सरकार का वो मंत्रिमंडल विस्तार है, जहां सहयोगियों की सियासी ताकत बीजेपी के लिए जरूरी है. ऐसे मंत्रिमंडल फेरबदल में चुनौती पुराने साथी बनाम नए दोस्तों के बीच सामंजस्य बनाने की होगी.