बंगाल के 184 पुलिस अफसरों का ट्रांसफर, 83 BDO-ARO भी बदले, एक्शन में चुनाव आयोग

बंगाल के 184 पुलिस अफसरों का ट्रांसफर, 83 BDO-ARO भी बदले, एक्शन में चुनाव आयोग

पश्चिम बंगाल में हिंसामुक्त चुनाव कराने के मकसद से चुनाव आयोग (ईसीआई) ने रविवार को बड़े स्तर पर प्रशासनिक और पुलिस फेरबदल किया है. इसके तहत पश्चिम बंगाल के विभिन्न पुलिस थानों के 184 प्रभारी अधिकारियों (आईसी) और 31 कोलकाता पुलिस थानों सहित 83 ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और सहायक चुनाव अधिकारियों (एआरओ) का तबादला किया गया है.

विधानसभा चुनाव की घोषणा और मुख्य सचिव, डीजीपी और सीपी के बदलाव के बाद हाल के दिनों में यह सबसे बड़े फेरबदलों में से एक है. इनमें से महत्वपूर्ण तबादलों में कोलकाता पुलिस के अंतर्गत आने वाले भाबनीपुर, कालीघाट और हिंसाग्रस्त भांगर के प्रभारी अधिकारियों का तबादला भी शामिल है.

पुलिस अधिकारियों का तबादला

आयोग ने कूचबिहार के चार पुलिस स्टेशन प्रमुखों-अधीक्षकों (ओसी-आईसी) – सीतालकुची, मथाभंगा, दिन्हाटा और घोकसडांगा का तबादला और नियुक्तियां की हैं. ये पुलिस स्टेशन हिंसाग्रस्त और सीमावर्ती क्षेत्र हैं, जहां सीतालकुची में 2021 के विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान केंद्र पर कथित हमले में सीएपीएफ की गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई थी.

चुनाव आयोग ने कूचबिहार से हावड़ा, हुगली और नादिया जिलों में 184 पुलिस स्टेशन प्रमुखों और अधीक्षकों को भी इधर से उधर किया है, जिनमें पूर्वी मेदिनीपुर के नौ अधिकारी शामिल हैं.

18 जिलों में 83 BDO-ARO बदले

वहीं विधानसभा चुनावों से पहले हिंसा-मुक्त और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए 18 जिलों में 83 ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और सहायक चुनाव अधिकारियों (एआरओ) का तबादला कर दिया. अधिकारियों के अनुसार, इस फेरबदल में कूच बिहार के दिनहाटा-दो से लेकर दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर-एक और दो तक के ब्लॉक शामिल हैं, साथ ही रामनगर, नंदीग्राम-एक और दो, नानूर, लाभपुर, सूरी-एक, मोहम्मद बाजार, इलंबजार और मयूरेश्वर-एक भी शामिल हैं.

अधिकारियों ने बताया कि तबादलों से प्रभावित जिलों में कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, उत्तर और दक्षिण दिनाजपुर, मालदा, मुर्शिदाबाद, नदिया, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, पूर्वी और पश्चिमी मेदिनीपुर, पुरुलिया, बांकुरा, पूर्वी और पश्चिमी बर्धवान और बीरभूम शामिल हैं.

क्यों किए गए तबादले?

चुनाव के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह निर्देश आयोग के नई दिल्ली स्थित कार्यालय से जारी किया गया था. उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले प्रशासनिक निष्पक्षता सुनिश्चित करने और सभी को समान अवसर देने के लिए ये तबादले किए गए हैं. इस तरह के उपाय चुनावी प्रक्रिया पर किसी भी स्थानीय प्रभाव को रोकने के लिए प्रोटोकॉल का हिस्सा हैं.

राज्य सरकार और केंद्र के बीच तनाव

चुनाव से पहले अधिकारियों के तबादलों को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के बीच जारी तनाव के बीच यह कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कई मौकों पर आरोप लगा चुकी हैं कि इस तरह के तबादले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं.

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