बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने का मामला, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर, हाई-लेवल कमेटी गठन की मांग

पश्चिम बंगाल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने के मसले पर नया आवेदन सुप्रीम कोर्ट में दायर किया गया है. यह आवेदन सनातनी संसद की ओर से दायर किया गया है. इस आवेदन में पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था तंत्र के कामकाज की निगरानी के लिए अदालत से एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय निगरानी समिति का गठन करने का निर्देश देने की मांग की गई है.

आवेदन में राज्य सरकार को कानून व्यवस्था बनाए रखने और आवश्यक कदम उठाने का निर्देश देने, जिसमें निगरानी समिति द्वारा आवश्यक समझे जाने वाले उचित समय के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में पर्याप्त सीएपीएफ कर्मियों की तैनाती शामिल करने की मांग शामिल है.

कानून प्रवर्तन अधिकारियों का तबादला

आवेदन में आगे यह निर्देश देने की मांग भी की गई है कि कानून प्रवर्तन अधिकारियों का तबादला निगरानी समिति की पूर्व सहमति के बिना नहीं किया जाए. साथ ही शिकायत दर्ज करने और शिकायत निवारण तंत्र स्थापित करने की एक सुदृढ़ प्रणाली का निर्देश दिया जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति बिना किसी परेशानी के अपनी शिकायत दर्ज करा सके.

आवेदन में 2021 के विधानसभा चुनाव का जिक्र

इस आवेदन में साल 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा का विस्तार से जिक्र है. याचिकाकर्ता ने मानवाधिकार आयोग और कलकत्ता हाई कोर्ट की रिपोर्ट का हवाला दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय हत्या, बलात्कार और आगजनी जैसी भयानक घटनाएं हुई थीं. जांच में यह भी सामने आया कि 60 फीसदी मामलों में पुलिस ने एफआईआर तक दर्ज नहीं की थी. पीड़ितों को अब तक पूरा मुआवजा भी नहीं मिला है.

Enjoy this blog? Please spread the word :)

Exit mobile version