ममता सरकार के कार्यकाल में OBC-A सूची में 49 जातीय समूह और OBC-B में 91 समूह शामिल किए गए थे. विपक्ष लगातार आरोप लगाता रहा कि राजनीतिक लाभ के लिए मुस्लिम समुदाय की कई उपजातियों को OBC सूची में शामिल किया गया. इसी मामले को लेकर कानूनी चुनौती भी दी गई थी.