तारिक रहमान 18 साल निर्वासित रहने के बाद दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे. फिर कुछ ही दिनों बाद उनकी मां और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया ने अंतिम सांस ली. करीब एक महीने से ज्यादा का भावुक इलेक्शन कैंपेन. जिसके नतीजे में अब उन्हें मिला है प्रचंड बहुमत. तारिक रहमान की जिंदगी में सबकुछ बहुत जल्दी हो रहा है. उन्हें उनके सामने खड़ी चुनौतियों का भी अंदाजा होगा ही.
