बुलेटप्रूफ जैकेट, पुलिस का पहरा… ढाई साल बाद जेल से बाहर आया मोनू मानेसर

बुलेटप्रूफ जैकेट, पुलिस का पहरा… ढाई साल बाद जेल से बाहर आया मोनू मानेसर

राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मोनू मानेसर को भरतपुर की सेवर जेल से रिहा कर दिया गया है. जेल से बाहर निकलते समय सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. मोनू मानेसर को बुलेटप्रूफ जैकेट पहनाकर जेल से बाहर लाया गया और पुलिस की गाड़ियों ने उसकी कार को एस्कॉर्ट करते हुए वहां से रवाना कराया. उसे लेने के लिए हरियाणा से कई गौसेवक भी भरतपुर पहुंचे थे.

मोनू मानेसर के वकील नवीन कुमार जांगड़ा ने बताया कि करीब ढाई साल बाद मोनू मानेसर को जमानत मिली है. उन्होंने कहा कि यह मामला काफी चर्चित रहा है और राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद अब उसे जेल से रिहा किया गया है.

भिवानी में मिले थे नासिर और जुनैद के शव

फरवरी 2023 में राजस्थान के डीग जिले के घाटमीका गांव निवासी नासिर और जुनैद के लापता होने का मामला सामने आया था. 15 फरवरी 2023 को दोनों के गायब होने की रिपोर्ट गोपालगढ़ थाने में दर्ज कराई गई थी.

इसके अगले दिन 16 फरवरी को हरियाणा के भिवानी में एक जली हुई कार बरामद हुई थी, जिसमें दो लोगों कंकाल मिले थे. जांच में पुष्टि हुई कि कंकाल नासिर और जुनैद के थे, जिनकी हत्या कर शवों को जला दिया गया था.

साल 2023 में हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस जांच में शुरुआत में आठ लोगों के नाम सामने आए थे. बाद में इस मामले में मोनू मानेसर सहित करीब 22 लोगों को आरोपी बनाया गया. इसके बाद सितंबर 2023 में पुलिस ने मोनू मानेसर को गिरफ्तार कर लिया था. फिलहाल राजस्थान हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद मोनू मानेसर को सेवर जेल से रिहा कर दिया गया है. मामले की आगे की सुनवाई अदालत में जारी है.

कौन है मोनू मानेसर?

मोनू मानेसर खुद को बजरंग दल और गौरक्षा दल का समदस्य बताया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक इंटरव्यू में उसने बताया था कि 2012 में पुलिस ने खून से लथपथ एक ट्रक को जब्त किया था, जिसमें गोवंश के शव भरे थे. तभी से उसने तय कर लिया था कि वह अब किसी भी गाय को मरने नहीं देगा. उसका पूरा नाम मोहित उर्फ मोनू मानेसर हैं.

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