बेगाना बजट, दीवानी जनता: दिल है कि मानता नहीं…

एक समय था जब आम बजट का भारतीयों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी में महत्व होता था. अब ऐसा नहीं है. फिर भी, सिर्फ़ पुरानी आदत की वजह से हम हर बजट वाले दिन उत्साह से भर जाते हैं, भले ही असल में कुछ खास न हो.

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