
वाइस एडमिरल अजय कोचर, PVSM, AVSM, NM ने गुरुवार को भारतीय नौसेना के 48वें वाइस चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ (VCNS) के रूप में कार्यभार संभाल लिया. पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने नई दिल्ली स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल पहुंचकर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी.
वाइस एडमिरल अजय कोचर नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA), पुणे के पूर्व छात्र हैं और 1 जुलाई 1988 को भारतीय नौसेना में कमीशन हुए थे. गनरी और मिसाइल सिस्टम के विशेषज्ञ अजय कोचर का नौसैनिक करियर 37 वर्षों से अधिक का रहा है, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण कमांड, ऑपरेशनल और स्टाफ नियुक्तियों पर कार्य किया.
समुद्री सुरक्षा का लंबा अनुभव
उन्होंने भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Nashak, INS Vibhuti और INS Kirpan की कमान संभाली. इसके अलावा वे फ्रिगेट INS Trikand के पहले कमांडिंग ऑफिसर भी रहे. वाइस एडमिरल कोचर ने एयरक्राफ्ट कैरियर INS विक्रमादित्य की भी कमान संभाली, जहां उनके कार्यकाल में कैरियर के एयर विंग का सफल इंटीग्रेशन और ऑपरेशनलाइजेशन पूरा हुआ.
वे डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज, वेलिंगटन, नेवल वॉर कॉलेज, गोवा और यूनाइटेड किंगडम के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज के स्नातक हैं. नौसेना मुख्यालय में उन्होंने नौसेना प्लान, स्टाफ रिक्वायरमेंट और DSCT जैसे महत्वपूर्ण विभागों में रणनीतिक और नीति संबंधी भूमिकाएं निभाईं.

2018 में फ्लैग रैंक पर पदोन्नति
साल 2018 में फ्लैग रैंक पर पदोन्नति के बाद उन्होंने असिस्टेंट कंट्रोलर ऑफ करियर प्रोजेक्ट और असिस्टेंट कंट्रोलर ऑफ वॉरशिप प्रोडक्शन एंड एक्विजिशन (ACWP&A) के रूप में भी कार्य किया. इसके बाद साल 2021 में उन्होंने वेस्टर्न फ्लीट की कमान संभाली और बाद में नेशनल डिफेंस अकादमी के कमांडेंट बने, जहां उन्होंने प्रशिक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार का काम किया.
ऑपरेशन सिंदूर में अहम भूमिका
25 मई 2024 को उन्होंने चीफ ऑफ स्टाफ, वेस्टर्न नेवल कमांड का कार्यभार संभाला. इस दौरान पश्चिमी समुद्री क्षेत्र में चुनौतीपूर्ण सुरक्षा परिस्थितियों के बीच उन्होंने पारंपरिक और गैर-पारंपरिक खतरों से निपटने के लिए नौसेना के ऑपरेशनों का नेतृत्व किया. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हाई-टेम्पो नौसैनिक अभियानों में भी उनकी अहम भूमिका रही.

संयुक्त ऑपरेशनल क्षमता मजबूत
उन्हें 2022 में अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और 2026 में परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM) से सम्मानित किया गया. वाइस चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ का पद संभालने से पहले वे अंडमान और निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ थे. वहां उन्होंने तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और संयुक्त ऑपरेशनल क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.