भारत-अमेरिका ट्रेड डील में ट्रंप-वेंस अटका रहे रोड़ा, US सांसद ने किया दावा

अमेरिका के टेक्सस राज्य से रिपब्लिकन पार्टी से सांसद टेड क्रूज, जो 2028 में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति उम्मीदवार की दावेदारी पेश करने की तैयारी कर रहे हैं, उन्होंने बडा खुलासा किया है. टेड क्रूज के मुताबिक भारत के साथ अमेरिका के ट्रेड डील होने में जो लोग रोड़ा अटका रहे हैं, उनमें प्रमुख हैं- व्हाइट हाउस में इकोनॉमिक एडवाइजर पीटर नवारो, उप राष्ट्रपति जेडी वेंस और कभी स्वयं राष्ट्रपति ट्रंप.

टेड क्रूज ने ये बात चंदा देने वाले अपने समर्थकों से बातचीत में कही. टेड ने कहा कि वो भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील की भरसक कोशिश कर रहे हैं, इस पर एक समर्थक ने पूछा कि इसमें कौन अड़चन पैदा कर रहा तो टेड ने नवारो, वेंस और ट्रंप का जिक्र किया. टेड और उनके समर्थकों के बीच एक प्राइवेट मीटिंग के दौरान हुई इस बातचीत का ऑडियो एक मीडिया हाउस एक्सिओस के हाथ लगा और उसने इस बातचीत का खुलासा किया.

भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील का इंतजार

दरअसल भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा है. यह सवाल सबके मन में है कि आखिर कागजों पर मुहर क्यों नहीं लग पा रही? मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वाशिंगटन और नई दिल्ली के अधिकारी इस समझौते की अंतिम रुकावटों को दूर करने के लिए लगातार मशक्कत कर रहे हैं लेकिन अभी भी कुछ ऐसे पेंच हैं जो खुल नहीं हो पाए हैं.

पूरी प्रक्रिया की रफ्तार धीमी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच बातचीत का दौर तेज हुआ है. लेकिन सेंसिटिव टैरिफ और सीक्वेंसिंग यानी शर्तों को लागू करने के क्रम पर आकर अटक जा रही है. यही वह रुकावट है जिसने पूरी प्रक्रिया की रफ्तार धीमी कर दी है.

व्यापार के नियम सख्त

जानकारों का मानना है कि अगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला टैरिफ के मौजूदा कानूनी आधार को कमजोर करता है, तो वाशिंगटन को मजबूरन पुराने और सख्त कानूनों का सहारा लेना पड़ेगा. इन पुराने कानूनों में टैरिफ के लेवल और समय सीमा को लेकर बहुत कड़ी पाबंदियां होती हैं. इससे न सिर्फ व्यापार के नियम सख्त हो जाएंगे, बल्कि राजनीतिक माहौल भी बिगड़ सकता है, जिससे किसी भी डील को लागू करना मुश्किल हो जाएगा.

रिपोर्ट: विकास

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