भारत में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग को नई रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया है. नीदरलैंड की सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर कंपनी एएसएमएल और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के बीच एक अहम MoU पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन की मौजूदगी में किया गया. एएसएमएल अत्याधुनिक छोटे सेमीकंडक्टर चिप के उत्पादन में इस्तेमाल होने वाली लिथोग्राफी मशीनों की प्रमुख मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है. दोनों नेताओं ने गुजरात के धोलेरा में स्थापित होने वाले भारत के पहले फ्रंट-एंड सेमीकंडक्टर फैब के लिए टाटा और एएसएमएल की साझेदारी का स्वागत किया.
बयान के मुताबिक, ‘इस साझेदारी के माध्यम से एएसएमएल, गुजरात के धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के आगामी 300 मिलीमीटर (12 इंच) सेमीकंडक्टर ‘फैब’ (चिप मैन्युफैक्चरिंग प्लांट) की स्थापना और उसके सफल संचालन में सहयोग करेगी. सेमीकंडक्टर जैसी महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में भारत और नीदरलैंड के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग के लिहाज से यह साझेदारी एक बड़ा कदम है.
#WATCH | The Hague, Netherlands | Tata Electronics and ASML sign an MoU in the presence of Prime Minister Narendra Modi.
(Source: ANI/DD) pic.twitter.com/P5e7G2DsVX
— ANI (@ANI) May 16, 2026
भारत का पहला सेमीकंडक्टर वेफर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स 91,000 करोड़ रुपए के निवेश से भारत का पहला सेमीकंडक्टर वेफर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित कर रही है. बयान में कहा गया कि इस सहयोग के तहत धोलेरा फैब में एएसएमएल की उन्नत लिथोग्राफी मशीनों और तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे भारत की पहली व्यावसायिक 300 मिमी सेमीकंडक्टर फैब का संचालन सुचारू रूप से हो सकेगा.
यह साझेदारी स्थानीय प्रतिभा के प्रशिक्षण, लिथोग्राफी से जुड़े कौशल विकास और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने पर भी केंद्रित होगी. चिप मैन्युफैक्चरिंग में लिथोग्राफी की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए, दोनों कंपनियां रिसर्च और डेवलपमेंट ढांचे को विकसित करेंगी, जो इस फैब के सफल संचालन के लिए आवश्यक होगा.
भारत के सेमीकंडक्टर सेक्टर में काफी संभावनाएं
एएसएमएल के अध्यक्ष और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) क्रिस्टोफ फुके ने कहा कि भारत का तेजी से बढ़ता सेमीकंडक्टर क्षेत्र कई संभावनाएं प्रस्तुत करता है और कंपनी इस क्षेत्र में लंबे समय तक साझेदारी स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि इस समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. वे टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और उसके व्यापक परिवेश के साथ घनिष्ठ सहयोग की उम्मीद करते हैं. उन्होंने कहा कि टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स सेमीकंडक्टर क्षमताओं के विस्तार की अपनी महत्वाकांक्षाओं को साकार करने के लिए मजबूत स्थिति में है.
स्थानीय स्तर पर विकास में मदद
टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) और प्रबंध निदेशक रणधीर ठाकुर ने कहा कि एएसएमएल की कंपोजिट लिथोग्राफी समाधानों में गहरी विशेषज्ञता धोलेरा स्थित फैब इकाई के समय पर संचालन को सुनिश्चित करेगी, वैश्विक ग्राहकों के लिए एक मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला तैयार करेगी, नवाचार को बढ़ावा देगी और स्थानीय स्तर पर प्रतिभा विकास में मदद करेगी.
